टेंडर खत्म होते ही उखाड़े गए मीटर, एनएच-30 पर 150 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें बंद
चिल्फी घाटी से कवर्धा तक रात का सफर बना जोखिमभरा, तीन महीने से अंधेरे में डूबा हाईवे

चिल्फी घाटी/कवर्धा। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर रात का सफर खतरे से खाली नहीं रह गया है। चिल्फी घाटी से कवर्धा के जोराताल तक करीब 50 किलोमीटर के हिस्से में 9 प्रमुख स्थानों पर लगी 150 से अधिक स्ट्रीट लाइटें पिछले तीन महीने से बंद पड़ी हैं। अंधेरे के कारण हाईवे पर हादसों की आशंका लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में स्ट्रीट लाइट संचालन का ठेका समाप्त होने के बाद बिजली कंपनी ने संबंधित सभी स्थानों के बिजली कनेक्शन काट दिए और मीटर भी हटा लिए। इसके बाद से पूरा मार्ग रात में अंधेरे में डूबा हुआ है। हाईवे निर्माण कंपनी टॉपवर्थ इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड ने स्ट्रीट लाइट संचालन का जिम्मा लोढ़ा फर्म को दिया था। टेंडर खत्म होने के बाद विभागीय समन्वय की कमी का खामियाजा अब आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
रात के समय इस मार्ग पर बस यात्रियों, पर्यटकों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज रफ्तार ट्रकों और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच अंधेरे में सफर करना जोखिमभरा साबित हो रहा है।
पर्यटन और सुरक्षा दोनों पर असर
चिल्फी घाटी प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक और वीआईपी इसी मार्ग से गुजरते हैं। कई स्थानों पर बस स्टॉप की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में घने अंधेरे के कारण सड़क किनारे खड़े यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान भी आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्ट्रीट लाइटें शुरू नहीं की गईं तो आंदोलन किया जाएगा।
टोल टैक्स वसूली जारी, सुविधा गायब
नेशनल हाईवे-30 पर बोड़ला के मुड़ियापारा में टोल प्लाजा संचालित है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं और टोल टैक्स के रूप में लाखों रुपए की वसूली होती है। बावजूद इसके वाहन चालकों को बुनियादी सुविधा के रूप में रोशनी तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
इन 9 स्थानों पर पसरा अंधेरा
हाईवे के जिन प्रमुख स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, उनमें लेंजाखार, पोंडी बाइपास की शुरुआत, चिल्फी रेस्ट रूम क्षेत्र, चिल्फी गांव, प्रभाटोला, पोंडी बायपास अंतिम छोर, बोड़ला बायपास, तहसील कार्यालय क्षेत्र, भोरमदेव रोड टर्निंग और जोराताल जंक्शन शामिल हैं। प्रत्येक स्थान पर लगभग 15 से 20 स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
तीन हफ्ते बाद भी नहीं बढ़ सकी फाइल
मामला सामने आने के बाद संबंधित कंपनी ने 9 मई 2026 को सीएसपीडीसीएल बोड़ला कार्यालय को पत्र लिखकर बिजली कनेक्शन बहाल करने की मांग की थी। कंपनी ने पत्र में परियोजना हस्तांतरण को लेकर हुई गलतफहमी का हवाला दिया और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए जल्द बिजली चालू करने की अपील की। हालांकि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ सकी है।
अधिकारियों ने क्या कहा
चिल्फी के कनिष्ठ अभियंता चैतन्य साहू ने बताया कि पुनः कनेक्शन जोड़ने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ है। कनेक्शन जोड़ने के लिए रायपुर मुख्यालय से अनुमति आवश्यक है और इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
वहीं बोड़ला के सहायक अभियंता सुनील कंवर ने कहा कि जिन स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद करने का पत्र मिला था, वहां मीटर हटा लिए गए थे। अब पुनः कनेक्शन शुरू करने के लिए उच्च कार्यालय से स्वीकृति मांगी गई है।





