साल 50 दिन बाद भी सड़क का काम शुरू नहीं, ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
कवर्धा (बोड़ला ब्लॉक):
ग्राम दलदली से गभी तक बनने वाली 4.50 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण कार्य स्वीकृति के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो पाया है। करीब 4.36 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस सड़क का उद्देश्य क्षेत्र के लगभग 60 आदिवासी परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ना है, लेकिन 2 साल 50 दिन बीत जाने के बाद भी जमीन पर काम शून्य है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मार्च 2024 में सड़क निर्माण का बोर्ड लगा दिया गया था, जिसमें कार्य प्रारंभ दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। इससे नाराज ग्रामीण बुधवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत 56 से 60 मकानों का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। ईंट, रेत और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री गांव तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिस्टम की लापरवाही उजागर
इस मामले में तीन बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं। पहली, बिना वन विभाग की अनुमति के ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई। दूसरी, कार्य प्रारंभ दिखाकर केवल औपचारिकता निभाई गई। तीसरी, जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निगरानी के बजाय केवल कागजी कार्रवाई में लगे रहे।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ठेकेदार ने पुरानी सड़क पर हल्का डामरीकरण कर धूल डाल दी है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि सड़क का निर्माण नए सिरे से सही स्थान पर किया जाए और घाटी क्षेत्रों में मजबूत पुलिया बनाई जाए ताकि बारिश के समय भी आवागमन बाधित न हो।
अधिकारियों का पक्ष
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के एसडीओ सौरभ देशमुख का कहना है कि सड़क निर्माण में देरी का मुख्य कारण वन विभाग से अनुमति नहीं मिलना था। उन्होंने बताया कि लगभग 8-10 दिन पहले ही अनुमति प्राप्त हुई है और अब काम शुरू करने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग का भी दावा किया गया है।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में उनका जीवन अब भी कठिनाइयों से घिरा हुआ है।





