तीर से घायल बायसन की इलाज में लापरवाही से मौत, वन विभाग पर लगे गंभीर आरोप*

*कवर्धा/ब्रजेश गुप्ता 27 अप्रैल 2026*
पंडरिया के जंगल में शिकारियों के तीर से घायल हुए इंडियन बायसन (गौर) ने शनिवार रात करीब 9:30 बजे दम तोड़ दिया। इलाज में लापरवाही के कारण एक महीने तक तड़पने के बाद बायसन की मौत हुई है।
*20 मार्च को मारा गया था तीर*
20 मार्च को शिकारियों ने बायसन के दाहिने पैर में तीर मारकर उसे घायल कर दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार वन विभाग ने इलाज के बजाय बायसन के स्वस्थ होने का दावा किया।
*हफ्ते में एक बार आते थे डॉक्टर*
विभागीय सूत्रों के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टर सप्ताह में केवल एक बार आते थे। एक इंजेक्शन लगाकर चले जाते थे। उचित निगरानी न होने से घाव में कीड़े लग गए और संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया।
*10 दिन से एक ही जगह बैठा था बायसन*
पिछले 10 दिन से बायसन चल फिर नहीं पा रहा था। खड़े होने के लिए सिर का सहारा लेता था। स्थानीय कर्मचारियों ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर रेस्क्यू सेंटर भेजने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
*पीएम के बाद किया गया अंतिम संस्कार*
रविवार दोपहर घटनास्थल पर ही पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद पनिहा नाला में डीएफओ निखिल अग्रवाल, एसडीओ कीर्ति जायसवाल और पशु स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में शव को जलाया गया।
वन विभाग पर आरोप है कि बायसन की बिगड़ती हालत को लगातार छिपाया गया।




