हनुमान मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार – अफवाह निकली झूठी

कवर्धा, 18 अप्रैल 2026।
जिला कबीरधाम के थाना कोतवाली कवर्धा क्षेत्र अंतर्गत फुलवारी परिसर स्थित हनुमान मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति के खंडित होने की खबर पूरी तरह अफवाह और भ्रामक साबित हुई है। पुलिस जांच और मंदिर पुजारी के बयान में स्पष्ट हुआ कि मूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है।
दरअसल, मामला मंदिर से चांदी के मुकुट की चोरी का निकला, जिसका खुलासा पुलिस ने करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
महाशिवरात्रि के आसपास हुई थी चोरी
पुजारी के अनुसार, महाशिवरात्रि के समय मंदिर से हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी हो गया था, लेकिन उस समय इसकी जानकारी नहीं हो पाई। बाद में घटना सामने आने पर 15 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली में मामला दर्ज किया गया।
3 आरोपी गिरफ्तार, चोरी कबूली
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया:
योगेश दुबे उर्फ मोनू दुबे (32 वर्ष)
देवी मिश्रा (45 वर्ष)
मनीन्द्र सोनी (46 वर्ष, पेशा – सुनार)
पूछताछ में मुख्य आरोपी योगेश दुबे ने चोरी करना स्वीकार किया, जिसमें देवी मिश्रा ने उसका साथ दिया। चोरी किया गया मुकुट बाद में सुनार मनीन्द्र सोनी को करीब 1800 रुपये में बेच दिया गया।
मुकुट गलाकर बनाया नया, पुलिस ने किया बरामद
जांच में सामने आया कि सुनार ने मुकुट को पिघला दिया था। बाद में जब मोहल्ले में मामला सामने आया, तो उसने उसी चांदी से नया मुकुट तैयार कर लिया, जिसे पुलिस ने उसके कब्जे से बरामद कर लिया है।
घटना का पुनर्निर्माण, आरोपियों ने मांगी माफी
18 अप्रैल को पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का पुनर्निर्माण कराया। इस दौरान आरोपियों ने अपने कृत्य पर शर्म जताई और हनुमान जी के समक्ष क्षमा याचना भी की।
अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती की चेतावनी
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई मूर्ति खंडित होने की खबर पूरी तरह झूठी थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि:
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी
बिना वैध दस्तावेज के सोना-चांदी खरीदने-बेचने वालों पर भी सख्ती होगी
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि:
किसी भी अपुष्ट खबर पर विश्वास न करें
भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें
संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को दें
निष्कर्ष:
कवर्धा में हनुमान मंदिर से जुड़े मामले में जहां एक ओर चोरी का सफल खुलासा हुआ, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की। पुलिस की तत्परता से न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, बल्कि सच्चाई भी सामने आ गई।




