
कवर्धा, 16 मार्च 2026।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में चर्चित सत्यमदास मानिकपुरी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। लगभग 56 दिनों तक चली गहन जांच, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले में विधि से संघर्षरत एक नाबालिग बालक को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक द्वारा नाबालिग को अप्राकृतिक संबंध के लिए ब्लैकमेल करने से तंग आकर उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
17 जनवरी को मिला था शव
पुलिस के अनुसार 17 जनवरी 2026 को थाना कवर्धा क्षेत्र के लालपुर नर्सरी के पीछे सड़क पर एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि युवक के गले पर चाकू से वार कर हत्या की गई है।
जांच में मृतक की पहचान सत्यमदास मानिकपुरी (27 वर्ष) निवासी घोठिया रोड, कवर्धा के रूप में हुई। वह पेशे से डांस शिक्षक था और पांडातराई क्षेत्र के एक निजी स्कूल में बच्चों को डांस सिखाता था। मामले में थाना कवर्धा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 30/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
50 हजार मोबाइल नंबर और 500 CCTV फुटेज खंगाले
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर तकनीकी और जमीनी स्तर पर व्यापक जांच शुरू की।
लगभग 50 हजार मोबाइल नंबरों के कॉल डाटा का विश्लेषण किया गया
500 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए
मृतक के परिचितों सहित 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई
क्षेत्र के 40–50 संदिग्ध व्यक्तियों को थाने लाकर पूछताछ की गई
इसके अलावा पुलिस ने सोशल मीडिया और डिजिटल गतिविधियों का भी तकनीकी परीक्षण किया।
सोशल मीडिया जांच से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की गतिविधियों का विश्लेषण किया। तकनीकी अनुसंधान और डिजिटल जांच के दौरान पुलिस को एक नाबालिग बालक पर संदेह हुआ, जिसे बाद में पूछताछ के लिए अभिरक्षा में लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि करीब तीन महीने पहले मृतक और नाबालिग के बीच जान-पहचान हुई थी और दोनों के बीच संबंध बन गए थे। बाद में विवाद होने पर मृतक नाबालिग को बार-बार संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल कर रहा था।
व्हाट्सएप कॉल कर बुलाया, फिर चाकू से हमला
नाबालिग ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन उसने व्हाट्सएप कॉल कर मृतक को बुलाया। इसके बाद दोनों स्कूटी से लालपुर नर्सरी के पीछे सड़क की ओर गए।
नाबालिग अपने घर से पहले ही चाकू लेकर निकला था। मौके पर पहुंचते ही उसने मृतक के गले पर चाकू से वार कर हत्या कर दी।
मोबाइल नदी में फेंका, कपड़े गांव में छिपाए
घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की।
मृतक का मोबाइल और सिम नदी में फेंक दिया
खून से सने कपड़े अपने पैतृक गांव में छिपा दिए
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर
हत्या में प्रयुक्त चाकू
स्कूटी वाहन
खून से सने कपड़े
नदी में फेंका गया मोबाइल फोन
बरामद कर लिया है, जबकि सिम कार्ड की तलाश जारी है।
मोबाइल सर्च हिस्ट्री से भी मिले सुराग
जांच में नाबालिग के मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री में कई संदिग्ध विषय मिले, जिनमें शामिल हैं:
अपराध करने के बाद कैसे बचें
मोबाइल ट्रैकिंग से कैसे बचें
मनोविज्ञान और डर का पैटर्न
साइकॉलोजिकल थ्रिलर
साउंड प्रूफ कमरे की जानकारी
मानसिक तनाव और सेल्फ हार्म से जुड़े विषय
इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को गवाहों की उपस्थिति में दस्तावेजीकृत किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चली जांच
पूरे मामले की निगरानी राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव (IPS) कर रहे थे। जांच पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन में की गई।
जांच में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, अमित पटेल, एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक सहित कई अधिकारियों और पुलिस टीमों ने लगातार काम किया।
आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी
पुलिस ने विधि से संघर्षरत नाबालिग को अभिरक्षा में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कबीरधाम पुलिस की मानें तो तकनीकी जांच, साइबर विश्लेषण और लगातार पूछताछ के कारण यह जटिल मामला सुलझाया जा





