कबीरधामकवर्धा

यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज एकजुट, निर्णायक संघर्ष की रूपरेखा तय

कवर्धा।
रविवार को कवर्धा में आयोजित सवर्ण समाज की सामूहिक बैठक ने जिले की सामाजिक राजनीति को नई दिशा दी। बैठक में 13 सवर्ण समाजों के जिलाध्यक्षों एवं सक्रिय सदस्यों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से सवर्ण एकता मंच का गठन किया गया।
बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि सवर्ण समाज के संवैधानिक अधिकारों पर किसी भी प्रकार का प्रहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। शासन द्वारा लागू किए गए यूजीसी से जुड़े प्रावधानों एवं कानूनों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की रूपरेखा तय की गई। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू कराने पर भी एकजुट पहल करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। युवाओं की बड़ी भागीदारी ने मंच को नई ऊर्जा प्रदान की। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार जनभावनाओं की अनदेखी करती है, तो सवर्ण एकता मंच के बैनर तले व्यापक और संगठित आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सभी समाजों ने मंच में अपना भविष्य देखते हुए संयुक्त संघर्ष की घोषणा की। 13 समाजों के जिलाध्यक्षों ने सर्वसम्मति से मंच के गठन पर मुहर लगाई। निर्णय लिया गया कि आगे की सभी गतिविधियां सामूहिक नेतृत्व और पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया के तहत संचालित की जाएंगी।
मंच का उद्देश्य सामाजिक एकता को मजबूत करना, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और युवाओं को संगठित करना तय किया गया। बैठक ने सवर्ण समाज को एक साझा मंच पर लाकर भविष्य की लड़ाई का स्पष्ट रोडमैप तय कर दिया, जिसमें संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
ईडब्ल्यूएस आरक्षण को लेकर बनी रणनीति
बैठक में शिक्षा और रोजगार से जुड़े नियमों में सवर्ण समाज के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को अस्वीकार्य बताया गया। मंच ने स्पष्ट किया कि यूजीसी से संबंधित ऐसे किसी भी कदम का शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी विरोध किया जाएगा, जो समाज के हितों के खिलाफ हो।
सरकार से मांग की गई कि संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए, अन्यथा आंदोलन अपरिहार्य होगा। बैठक का प्रमुख एजेंडा ईडब्ल्यूएस आरक्षण को जमीन पर प्रभावी रूप से लागू कर वास्तविक जरूरतमंदों तक इसका लाभ पहुंचाना रहा।
आंदोलन की रीढ़ होंगे युवा
निर्णय लिया गया कि गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया जाएगा। डिजिटल माध्यमों से जागरूकता बढ़ाई जाएगी और प्रत्येक समाज से स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे। युवाओं को संगठन की रीढ़ मानते हुए प्रशिक्षण और संवाद कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
अंतिम सत्र में यह निर्णय लिया गया कि यदि शासन ने यूजीसी जैसे प्रावधानों पर पुनर्विचार नहीं किया और ईडब्ल्यूएस आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया, तो सवर्ण एकता मंच चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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