पेराई सत्र से पहले भोरमदेव शक्कर कारखाने की तैयारियों का जायजा, कलेक्टर ने दिए जरूरी निर्देश
मशीनों के मेंटेनेंस का काम समय पर पूरा करने पर जोर, किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों से जोड़ने की पहल

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा, 13 अक्टूबर 2026
आगामी गन्ना पेराई सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मंगलवार को राम्हेपुर स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित का निरीक्षण किया। उन्होंने कारखाने की मशीनरी, गन्ना खरीदी, शक्कर उत्पादन और रखरखाव कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेराई सत्र शुरू होने के बाद कामकाज में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
मशीनों के रखरखाव में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कारखाने में स्थापित मशीनों का जायजा लिया और गन्ने से शक्कर तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से गन्ना खरीदी की व्यवस्था, शक्कर उत्पादन की कार्यप्रणाली और मशीनों के मेंटेनेंस की स्थिति के संबंध में चर्चा की। उन्होंने रखरखाव से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि पेराई सत्र के दौरान कारखाने का संचालन सुचारु रूप से हो सके।
उन्नत गन्ना प्रजातियों से बढ़ेगी किसानों की उत्पादकता
कलेक्टर ने कारखाना परिसर में विकसित उन्नत गन्ना प्रजातियों के प्रदर्शन प्लॉट्स का भी अवलोकन किया। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के गन्ना किसानों को इन प्रदर्शन प्लॉट्स का भ्रमण कराया जाए। किसानों को उन्नत गन्ना प्रजातियों, आधुनिक खेती की तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने से गन्ने की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने और प्रदर्शन प्लॉट्स के माध्यम से उन्हें नई तकनीकों से परिचित कराने पर विशेष जोर दिया जाए।
पेराई सत्र की तैयारियों पर प्रशासन की नजर
आगामी पेराई सत्र को देखते हुए कारखाने की मशीनरी, रखरखाव और गन्ना खरीदी से जुड़ी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। समय पर तैयारियां पूरी होने से कारखाने का संचालन सुचारु रखने और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उत्पादन व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।





