90 दिन में दो बार उखड़ा 49.36 लाख का पाथवे, कमीशनखोरी के आरोपों के साथ कांग्रेस ने घेरा नगर पालिका

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा। नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने 49.36 लाख रुपए की लागत से बनाए गए पाथवे के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की। पार्टी ने कथित कमीशनखोरी के आरोपों की भी जांच कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
शहर कांग्रेस कार्यालय में दोपहर 1 से 3 बजे तक आमसभा आयोजित की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मां महामाया मंदिर और नगर पालिका रोड पर बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर नगर पालिका के मुख्य गेट तक पहुंचकर करीब एक घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। नगर पालिका सीएमओ नारायण साहू ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। शाम करीब 4:30 बजे कवर्धा एसडीएम चेतन साहू मौके पर पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
90 दिन में दो बार उखड़ा पाथवे
कांग्रेस ने करपात्री स्कूल से डिप्टी सीएम कार्यालय होते हुए बीएसएनएल कार्यालय तक बनाए गए सीसी रोड और पाथवे की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। यह कार्य डीएमएफ मद से 49.36 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। कांग्रेस का आरोप है कि निर्माण पूरा होने के करीब तीन महीने के भीतर ही पाथवे दो बार उखड़ गया। बाद में नगर पालिका द्वारा इसकी मरम्मत भी कराई गई।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए और यदि गुणवत्ता में अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार पाया जाता है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
एक करोड़ की चौपाटी, लागत बढ़कर दो करोड़; दो साल बाद भी अधूरी
नगर पालिका कार्यालय के सामने निर्माणाधीन चौपाटी सह फूड जोन भी कांग्रेस के निशाने पर रहा। कांग्रेस के अनुसार अगस्त 2024 में करीब एक करोड़ रुपए की लागत से निर्माण शुरू किया गया था और इसे एक वर्ष में पूरा किया जाना था। निर्माण के दौरान योजना में बदलाव कर 12 व्यावसायिक दुकानों और ओपन थिएटर को शामिल किया गया, जिसके बाद लागत बढ़कर करीब दो करोड़ रुपए हो गई। कांग्रेस ने निर्माण में देरी और बढ़ी हुई लागत को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
गौशाला से सड़क-पानी तक 10 मुद्दे उठाए
कांग्रेस ने नगर पालिका के सामने विभिन्न नागरिक समस्याओं को लेकर 10 सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें स्वर्ण जयंती परिसर स्थित गौशाला में गायों की मौत की जांच, जर्जर सड़कों की मरम्मत, अंबेडकर चौक से संकरी नदी तक रुके सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू करना, पेयजल और बिजली व्यवस्था में सुधार तथा नाली सफाई और कचरा उठाव की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा पात्र गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास और आवासीय पट्टा देने, नगर पालिका कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान करने तथा गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार पेनल्टी लगाने की मांग भी की गई।
सीएमओ बोले—अतिरिक्त काम जुड़ने से बढ़ी लागत
नगर पालिका सीएमओ नारायण साहू ने कहा कि चौपाटी के लिए पूर्व में एक करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। निर्माण के दौरान अतिरिक्त कार्य जोड़े गए, जिसके कारण लागत बढ़ी है। कांग्रेस द्वारा उठाई गई मांगों और शिकायतों की जांच कराई जाएगी।


