कवर्धा में डेरा जमाए तेंदुए की रहस्यमयी मौजूदगी, आखिर शहर छोड़कर जाने का नाम क्यों नहीं ले रहा?
बार-बार आबादी के आसपास दिखने से लोगों में दहशत, वन विभाग के सामने चुनौती बनी तेंदुए की निगरानी

कवर्धा। शहर में तेंदुए की लगातार मौजूदगी अब लोगों के बीच कौतूहल के साथ चिंता का विषय बनती जा रही है। आखिर क्या वजह है कि तेंदुआ बार-बार कवर्धा और आसपास के इलाकों में दिखाई दे रहा है? जंगल की ओर लौटने के बजाय वह आबादी के नजदीक क्यों मंडरा रहा है? इन सवालों ने वन विभाग के साथ-साथ शहरवासियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
कुछ समय पहले स्नेहा अस्पताल में तेंदुए के पहुंचने की घटना ने पूरे जिले को चौंका दिया था। अस्पताल परिसर में तेंदुए की मौजूदगी और एक महिला के घायल होने की घटना के बाद वन विभाग ने काफी मशक्कत से उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया था। इसके बावजूद तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है।
भोरमदेव रोड पर राधा माधव गौशाला के पास तेंदुए के फिर दिखाई देने की सूचना के बाद आसपास के ग्रामीणों, राहगीरों और गौशाला आने-जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं, भीड़ न लगाएं और उसे भगाने या पकड़ने की कोशिश न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
बड़ा सवाल यही है कि कवर्धा में तेंदुए की आवाजाही का सिलसिला आखिर कब थमेगा? स्नेहा अस्पताल से लेकर भोरमदेव रोड तक सामने आ रही घटनाएं वन विभाग के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
भोरमदेव रोड पर राधा माधव गौशाला के पास तेंदुए के फिर दिखाई देने की सूचना के बाद आसपास के ग्रामीणों, राहगीरों और गौशाला आने-जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेंदुआ दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं, भीड़ न लगाएं और उसे भगाने या पकड़ने की कोशिश न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
बड़ा सवाल यही है कि कवर्धा में तेंदुए की आवाजाही का सिलसिला आखिर कब थमेगा? स्नेहा अस्पताल से लेकर भोरमदेव रोड तक सामने आ रही घटनाएं वन विभाग के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।


