UPI के नए MDR नियम से छोटे व्यापारियों में मचा हड़कंप, WhatsApp पर QR बंद करने के संदेश वायरल
0.40% शुल्क की खबर से दुकानदार चिंतित, लेकिन हर छोटे व्यापारी पर नहीं लगेगा चार्ज; ₹1 लाख तक मासिक UPI प्राप्ति वाले छोटे व्यापारी शून्य-MDR दायरे में

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
UPI भुगतान पर नए Merchant Discount Rate (MDR) की घोषणा के बाद व्यापारिक जगत में चर्चा तेज हो गई है। कवर्धा समेत छोटे शहरों और बाजारों में कई व्यापारियों ने ग्राहकों को WhatsApp पर संदेश भेजना शुरू कर दिया है कि QR Code से UPI भुगतान लेना बंद किया जा रहा है और इसके बदले नकद, चेक अथवा NEFT/RTGS/IMPS से भुगतान करने की अपील की जा रही है।
दरअसल, NPCI के नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेन-देन पर 0.40% MDR लागू होगा। लेकिन इसे लेकर सोशल मीडिया पर यह भ्रम भी फैल रहा है कि हर UPI भुगतान पर 0.40% शुल्क लगेगा। ऐसा नहीं है। �
Press Information Bureau +1
सबसे बड़ी राहत छोटे व्यापारियों के लिए
केंद्र सरकार के अनुसार ₹1 लाख तक प्रतिमाह UPI QR के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी, निर्धारित P2PM श्रेणी में, शून्य-MDR व्यवस्था में बने रहेंगे। इसके अलावा ₹2,000 तक के P2M भुगतान भी MDR से मुक्त रहेंगे। सरकार के मुताबिक करीब 96% P2M लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे। �
Press Information Bureau +1
यानी मोहल्ले की छोटी किराना दुकान, ठेला, चाय दुकान या अन्य छोटे कारोबारियों के लिए यह जरूरी नहीं कि QR Code बंद करना पड़े।
₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर क्या बदलेगा?
निर्धारित श्रेणी के व्यापारी लेन-देन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.40% MDR लागू होगा। उदाहरण के लिए ₹10,000 के पात्र व्यापारी UPI भुगतान पर MDR ₹40 होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर अधिकतम MDR ₹300 प्रति लेन-देन रहेगा। �
Press Information Bureau +1
ग्राहक से 0.40% अलग से लेने का प्रावधान नहीं
महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR ग्राहक से लिया जाने वाला UPI चार्ज नहीं है। सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि व्यापारी इस लागत को ग्राहक पर न डालें। �
Press Information Bureau +1
फिर WhatsApp पर QR बंद करने का संदेश क्यों?
नए नियम को लेकर व्यापारियों में अभी जानकारी का अभाव और लागत को लेकर चिंता दिखाई दे रही है। खासकर ऐसे कारोबारियों के बीच, जिनके यहां रोजाना बड़े मूल्य के डिजिटल भुगतान होते हैं, नए MDR को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, WhatsApp पर चल रहे संदेशों में यह कहना कि “आज से सभी UPI भुगतान पर 0.40% शुल्क लग गया है” या “सभी व्यापारियों को QR बंद करना पड़ेगा”, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। नया ढांचा 15 अक्टूबर से लागू होना है। �
Business Standard +1
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
ग्राहकों को QR Code से सामान्य UPI भुगतान करते समय घबराने की जरूरत नहीं है। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और P2P भुगतान मुफ्त रहेंगे। वहीं पात्र छोटे व्यापारी भी शून्य-MDR व्यवस्था में रहेंगे। �
Press Information Bureau
फैक्ट बॉक्स | UPI का नया MDR
लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026
निर्धारित ₹2,000 से अधिक P2M भुगतान: 0.40% MDR
₹75,000 या अधिक: अधिकतम ₹300 प्रति लेन-देन
₹2,000 तक P2M भुगतान: MDR मुक्त
P2P भुगतान: मुफ्त
₹1 लाख तक मासिक UPI प्राप्त करने वाले पात्र छोटे व्यापारी: शून्य MDR
ग्राहक से अलग से MDR वसूलने का प्रावधान: नहीं
लगभग 96% P2M लेन-देन: प्रभावित नहीं होने की सरकारी जानकारी �
Press Information Bureau
खास बात: व्यापारियों को WhatsApp संदेश के आधार पर QR बंद करने के बजाय अपने बैंक/पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर से यह पुष्टि करनी चाहिए कि उनका QR किस श्रेणी में आता है और उनके कारोबार पर नया MDR वास्तव में लागू होगा या नहीं।



