TET और सहायक शिक्षक पदोन्नति को लेकर फेडरेशन की विधायक भावना बोहरा से मुलाकात
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सभी सेवारत शिक्षकों को TET के 2–3 अवसर देने की मांग, इसके बाद ही पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर

कवर्धा, 10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन, कबीरधाम के जिला पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा के नेतृत्व में पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सहायक शिक्षक (एल.बी.) से शिक्षक पद पर चल रही पदोन्नति प्रक्रिया और TET से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विधायक से विस्तार से चर्चा की।
मुख्य मांगें
◆ सेवारत शिक्षकों को TET के कम से कम 2–3 अवसर दिए जाएं।
◆ इसके बाद ही पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए।
◆ विषयवार योग्यता, TET पात्रता और वरिष्ठता का निष्पक्ष परीक्षण हो।
◆ पदोन्नति सूची जारी करने से पहले सेवा अभिलेखों और आपत्तियों की पुनः जांच हो।
◆ सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के निर्णय का नियमसम्मत पालन सुनिश्चित किया जाए।
फेडरेशन ने विधायक को बताया कि 29 मई 2026 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद TET से संबंधित विषय में शिक्षा विभाग द्वारा सेवारत शिक्षकों को परीक्षा देकर निर्धारित पात्रता हासिल करने के लिए स्पष्ट विभागीय व्यवस्था अथवा पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में अब तक उचित पहल नहीं की गई है। वहीं, वर्तमान में TET पात्रता रखने वाले शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
फेडरेशन का कहना है कि ऐसी स्थिति में सभी संबंधित सेवारत शिक्षकों को समान अवसर मिलना जरूरी है। संगठन ने मांग की कि पहले शिक्षकों को TET पात्रता हासिल करने के लिए कम से कम दो से तीन अवसर दिए जाएं और उसके बाद ही पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने गणित, हिंदी एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षक पद पर पदोन्नति के दौरान प्रत्येक शिक्षक की नियुक्ति तिथि, उस समय लागू भर्ती नियम, शैक्षणिक योग्यता, TET पात्रता, विषयवार योग्यता और वरिष्ठता का निष्पक्ष परीक्षण किए जाने की मांग भी रखी।
फेडरेशन ने कहा कि पदोन्नति में वरिष्ठता को उचित महत्व दिया जाए और समान परिस्थितियों वाले शिक्षकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो। जिस विषय के पद पर शिक्षक पदोन्नति चाहता है, उस पद के लिए निर्धारित TET एवं शैक्षणिक पात्रता का स्पष्ट परीक्षण किया जाए। अलग-अलग विषयों की TET पात्रता को बिना स्पष्ट नियम या प्रावधान के एक-दूसरे के स्थान पर मान्य करने की व्यवस्था की भी नियमसम्मत समीक्षा की जाए।
संगठन ने यह भी मांग की कि 29 मई 2026 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय तथा संबंधित उच्च न्यायालयीन आदेशों का सही परिप्रेक्ष्य में अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। पदोन्नति सूची जारी करने से पहले सभी आपत्तियों और सेवा अभिलेखों का पुनः परीक्षण किया जाए, ताकि कोई पात्र शिक्षक पदोन्नति के अवसर से वंचित न हो और किसी अपात्र व्यक्ति को गलत प्रविष्टि या गलत पात्रता निर्धारण के आधार पर लाभ न मिले।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी शिक्षक की पदोन्नति रोकना नहीं है, बल्कि सभी सेवारत शिक्षकों को समान अवसर देने के बाद निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमसम्मत पदोन्नति प्रक्रिया सुनिश्चित कराना है।
प्रतिनिधिमंडल ने विधायक भावना बोहरा से शिक्षकों की मांगों को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखने तथा समस्या के उचित समाधान के लिए पहल करने का आग्रह किया।
मुलाकात के दौरान जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा, केशलाल साहू, धरमू कुर्रे, अमित शर्मा, शंकर पाली, ओसन साहू, राकेश खरे, केशो राम पाली, सरजू मरकाम, श्रीमती वर्मा एवं श्रीमती हेमलता देवांगन सहित फेडरेशन के पदाधिकारी एवं शिक्षक साथी उपस्थित रहे।




