अटल आवास के 107 मकानों पर अवैध कब्जा, अंतिम नोटिस जारी; 7 दिन बाद होगी बेदखली

कवर्धा। शहर के वार्ड क्रमांक-17 स्थित खुंटू रोड अटल आवास परिसर में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर पालिका ने सख्त रुख अपनाया है। कुल 150 आवासों में से 107 मकानों पर अवैध कब्जा पाए जाने के बाद संबंधित लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि सात दिन की समय सीमा पूरी होने के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बेदखली की कार्रवाई करेगी।
नगर पालिका के सर्वे में सामने आया कि केवल 43 आवास ही वैध हितग्राहियों के नाम आवंटित हैं, जबकि शेष 107 मकानों पर बिना किसी वैध दस्तावेज के लोग रह रहे हैं। कई बार समझाइश और नोटिस देने के बावजूद कब्जाधारियों ने मकान खाली नहीं किए, जिसके बाद अब कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
नगर पालिका का कहना है कि कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने के लिए नहीं, बल्कि जर्जर हो चुके भवनों से संभावित जनहानि रोकने के उद्देश्य से भी की जा रही है। लगातार बारिश के कारण भवनों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और दीवार या छत गिरने का खतरा बना हुआ है।
पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम करेगी कार्रवाई
नगर पालिका के अनुसार सात दिन की अवधि समाप्त होने के बाद अलग से कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मशीनों की मदद से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से स्वेच्छा से मकान खाली करने की अपील की है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
योजना का उद्देश्य हुआ प्रभावित
अटल आवास योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई थी, लेकिन अवैध कब्जों के कारण पात्र हितग्राही भी योजना के लाभ से वंचित रह गए। नगर पालिका का कहना है कि कब्जे हटने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई और भवनों की स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
अवैध निर्माण और गंदगी भी बनी समस्या
आवासों के सामने कई स्थानों पर अवैध पक्के निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। परिसर में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
अधिकारियों का बयान
नगर पालिका सीएमओ नारायण साहू ने बताया कि पूरे परिसर का रिकॉर्ड और सर्वे पूरा हो चुका है। 107 मकानों पर अवैध कब्जा मिला है। नोटिस के बाद भी मकान खाली नहीं किए गए तो नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि अटल आवास की इमारतें अत्यंत जर्जर हो चुकी हैं। बारिश के दौरान बड़ा हादसा होने की आशंका है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सात दिन बाद बेदखली अभियान शुरू किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
वर्ष 2005-06 में निर्मित अटल आवास योजना के अंतर्गत केवल 43 हितग्राहियों को आवास आवंटित किए गए थे। शेष मकानों पर समय के साथ अवैध कब्जे हो गए। वर्तमान में अधिकांश भवनों की दीवारों में दरारें, उखड़ा प्लास्टर और बाहर निकली सरिया भवनों की जर्जर स्थिति को दर्शा रही हैं, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।





