पटवारियों की हड़ताल से राजस्व काम ठप, आय-जाति प्रमाण पत्र से लेकर फौती तक अटके
कबीरधाम के 220 पटवारी हलकों में से 175 के पटवारी हड़ताल पर, प्रमाण पत्रों के लिए भटक रहे छात्र और आम नागरिक

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा। कबीरधाम जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने लगा है। आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, नामांतरण, फौती दुरुस्ती और जन्म प्रमाण पत्र के लिए जरूरी पटवारी प्रतिवेदन जैसे काम अटक गए हैं। मंगलवार, 13 अक्टूबर से राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर शुरू हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल के पहले दिन जिले के 220 पटवारी हलकों में से 175 के पटवारी काम बंद कर कवर्धा के यूथ क्लब के पास धरने पर बैठ गए।
पीवी एप से फसल सत्यापन पर विरोध
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गेंदूराम मरावी ने कहा कि शासन द्वारा पीवी एप के माध्यम से फसल का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसके लिए जरूरी तकनीकी संसाधन और जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, गन्ने की घनी फसल, खेतों तक पहुंच मार्ग की कमी, मेढ़ और नक्शे में अंतर जैसी समस्याओं के कारण सत्यापन करना मुश्किल है। बटांकन और राजस्व अभिलेखों में विसंगति वाले खसरों का सही नक्शे और तकनीकी दस्तावेजों के बिना सटीक सत्यापन करना भी चुनौतीपूर्ण है।
प्रमाण पत्रों के लिए भटक रहे लोग
हड़ताल का सीधा असर आम नागरिकों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। पालक शिवनाथ चन्द्राकर ने बताया कि उनके दोनों बच्चों के जाति और आय प्रमाण पत्र बनवाने हैं, लेकिन पटवारी प्रतिवेदन नहीं मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
सहसपुर लोहारा तहसील के आदेश विश्वकर्मा राजस्व अभिलेखों में फौती दुरुस्ती कराने के लिए परेशान हैं। वहीं, बोड़ला तहसील के हेमंत वर्मा ने बताया कि उनके 21 माह के बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है। दो वर्ष के भीतर के आवेदन की प्रक्रिया में तहसील न्यायालय के लिए पटवारी पंचनामा जरूरी है। ऐसे में उनके पास केवल तीन महीने का समय बचा है।
वेतन विसंगति और पदोन्नति भी मुद्दा
पटवारी संघ का कहना है कि वे काम करने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन आवश्यक तकनीकी संसाधनों के बिना समय-सीमा में काम पूरा करने का दबाव बनाना और कार्रवाई की धमकी देना उचित नहीं है। संघ ने लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति दूर करने और समय पर पदोन्नति देने की मांग भी उठाई है। पटवारियों का आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय निलंबन और तबादले जैसी कार्रवाई की जा रही है।
राजस्व मंत्री से मुलाकात भी बेनतीजा
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कबीरधाम दौरे पर आए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी थीं। पटवारियों के अनुसार, बातचीत में उनकी मांगों का समाधान नहीं निकल सका। मंत्री ने काम करने की अनिवार्यता पर जोर देते हुए किसी प्रकार की छूट देने से इनकार किया।
आम जनता पर बढ़ा संकट
हड़ताल के पहले दिन ही तहसील और पटवारी कार्यालयों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित रहा। प्रमाण पत्रों से लेकर भूमि अभिलेखों में सुधार तक की प्रक्रिया रुकने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब सबकी नजर शासन-प्रशासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली बातचीत पर है। हड़ताल कब समाप्त होगी, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।




