कबीरधाम में 5 साल में इस बार सबसे कम बारिश हुई, 2022 के मुकाबले आधा पानी भी नहीं बरसा

कवर्धा
जिले में मानसून की शुरुआत होने के बाद ही इसकी रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग गया है। मानसून की पहली बारिश के बाद 14 जुलाई की स्थिति में बारिश के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। बीते पांच सालों की तुलना में इस साल जिले में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। आलम यह है कि साल 2022 की तुलना में इस बार आधा पानी भी नहीं बरसा है।
कबीरधाम जिले में 14 जुलाई की स्थिति में महज 185 मिलीमीटर बारिश हुई है, जिसने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। धान की बुआई और रोपा के इस सीजन में खेतों में पानी की कमी खलने लगी है। दूसरी ओर मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश पूरी तरह थमी हुई है, जिससे दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बीते 4 व 5 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के बाद से मानसून सुस्त पड़ गया है। पिछले पांच दिनों से शहर में बूंदाबांदी तक नहीं हुई है।
मानसूनी बारिश के ऊपर ही कबीरधाम जिले का कृषि सेक्टर आश्रित है। जिले में लगभग 1.20 लाख हेक्टेयर में धान व 35 हजार हेक्टेयर में गन्ना की फसल ली जाती है। इसके बाद 30 से 40 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी व अन्य प्रकार की फसलें ली जाती
मानसून ब्रेक से बढ़ी चिंता, धान की बुआई और रोपाई के लिए खेतों में पानी की कमी
कवर्धा. खेत में काम करते किसान, समितियों में खाद-बीज का उठाव जारी है। मंगलवार को बादल छाए रहे पर बारिश नहीं हुई।
1.50 लाख हेक्टेयर से अधिक में है फसल
है। वर्तमान में बारिश कम होने से गन्ना को असर पर पड़ सकता है। इस नकदी फसल को इस समय भारी पानी की जरूरत होती है। कम बारिश से गन्ने की बढ़वार (ग्रोथ) रुक जाएगी, जिससे फसल में रस की मात्रा कम होगी। उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
हवा की गति कमजोर, बिना बरसे आगे निकल रहे बादल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में उल्लेखनीय बारिश नहीं हुई है। मानसून की इस बेरुखी का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में किसी भी मजबूत मौसमी सिस्टम का सक्रिय न होना है। मजबूत सिस्टम नहीं होने से
मानसूनी हवा की गति कमजोर पड़ गई है और छत्तीसगढ़ के ऊपर से बादल बिना बरसे आगे निकल रहे हैं। हालांकि, 15 व 16 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से फिर से अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
2022 में 311 मिमी, इस बार 185 मिमी बरसात
सी जी ऐन के विश्लेषण में यह सामने आया है कि
कबीरधाम जिले में 14 जुलाई की स्थिति में पिछले पांच वर्षों के मुकाबले इस साल सबसे कमजोर मानसून देखा जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर साल इस अवधि तक खेतों में अच्छी-खासी रौनक आ जाती थी, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत है। राजस्व विभाग के वर्षा पोर्टल अनुसार साल 2022 में 14 जुलाई तक जिले में 311 मिमी बारिश हो चुकी थी, जबकि इस साल अब तक केवल 185 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो कि 2022 के मुकाबले लगभग आधी है। इसी प्रकार बीते वर्ष 2025 में इसी अवधि तक 265.4 मिमी पानी गिर चुका





