6 साल बाद बोड़ला में फिर शुरू होगा बॉक्साइट खनन, किसानों को मिलेगा 10.38 करोड़ मुआवजा

कवर्धा |ब्रजेश गुप्ता
कबीरधाम जिले के बोड़ला ब्लॉक के ग्राम मुकाम और सलगी में करीब 6 साल बाद फिर से बॉक्साइट खनन शुरू होने जा रहा है। इस बार खनन कार्य निजी कंपनी की बजाय छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सीएमडीसी) रायपुर के माध्यम से किया जाएगा। प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं और किसानों को मुआवजा देने के लिए 10 करोड़ 38 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार लगभग 373 एकड़ जमीन 7 साल के लिए लीज पर ली जा रही है। बोड़ला एसडीएम सागर सिंह ने बताया कि मई माह के अंत तक भू-प्रवेश की अनुमति मिलने की संभावना है, जिसके बाद खनन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। दस्तावेजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
ग्राम मुकाम में 110 हेक्टेयर (271 एकड़) क्षेत्र में खनन होगा, जिसके लिए किसानों को 7 करोड़ 22 लाख 54 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। वहीं ग्राम सलगी में 42 हेक्टेयर (102 एकड़) भूमि के लिए 3 करोड़ 15 लाख 62 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
साल 2009 से 2020 तक जिले में बॉक्साइट खनन का कार्य बालको के माध्यम से किया जाता था, लेकिन वैश्विक बाजार में एल्युमिनियम की कीमतों में गिरावट और अन्य कारणों से यह काम बंद हो गया था। इससे ट्रांसपोर्ट और रोजगार से जुड़े सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए थे। अब सीएमडीसी के जरिए खनन शुरू होने से क्षेत्र में फिर से आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।
प्रशासन के मुताबिक 100 से अधिक किसानों की जमीन लीज पर ली जाएगी। खनन केवल 6 फीट गहराई तक किया जाएगा, जिससे जमीन की उर्वरता पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। खनन पूरा होने के बाद जमीन समतल कर किसानों को वापस सौंप दी जाएगी ताकि वे दोबारा खेती कर सकें।
खनन शुरू होने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलेगा। पहले जिले के करीब 150 ट्रक इस कार्य में लगे थे, जो पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़े थे या दूसरे राज्यों में काम करने जा रहे थे। अब स्थानीय स्तर पर रोजगार और परिवहन गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।





