पांडातराई में निराश्रित गौवंश का संकट गहराया, युवाओं ने गौशाला व कांजी हाउस निर्माण की उठाई मांग

पांडातराई (कबीरधाम)। नगर पंचायत पांडातराई में निराश्रित गौवंश की बढ़ती समस्या को लेकर स्थानीय युवाओं और किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में युवक और किसान नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गौवंश के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि नगर की सड़कों पर लगभग 50 से 60 की संख्या में निराश्रित गौवंश दिन-रात घूम रहे हैं। उचित आश्रय और चारे की व्यवस्था नहीं होने के कारण ये मुख्य सड़कों पर ही डेरा डाले हुए हैं, जिससे लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन हादसों में जहां गौवंश की मौत हो रही है, वहीं वाहन चालकों और आम नागरिकों को भी गंभीर चोटें आ रही हैं।
किसानों ने भी अपनी समस्या साझा करते हुए कहा कि भूखे गौवंश खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में गौशाला और चारागाह की कमी इस समस्या की जड़ है।
युवाओं ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नगर में स्थायी गौशाला और चारागाह का निर्माण कराया जाए। साथ ही, जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक निराश्रित गौवंश के लिए अस्थायी रूप से ‘कांजी हाउस’ या सुरक्षित बाड़े की व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
आंदोलन की चेतावनी देते हुए युवाओं और किसानों ने प्रशासन को 25 दिनों का अल्टिमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो नगरवासी शांतिपूर्ण चक्का जाम, धरना-प्रदर्शन या उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



