
कवर्धा। शिक्षा सत्र के अंतिम चरण में 25 मार्च से 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं, लेकिन परिणाम तैयार करने के फार्मूले को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सबसे बड़ा सवाल अर्धवार्षिक परीक्षा के अंकों पर 30% अधिभार जोड़ने को लेकर बना हुआ है। स्पष्ट निर्देशों के अभाव में जिले के कई हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में अब तक अंकसूची (मार्कशीट) भी तैयार नहीं हो सकी है।
इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। संगठन के अनुसार, 26 सितंबर 2025 को जारी आदेश में 9वीं और 11वीं के रिजल्ट में 30% अर्धवार्षिक और 70% वार्षिक परीक्षा के अंक जोड़ने का उल्लेख था, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए भेजा गया प्रस्ताव अभी तक लंबित है। मंडल स्तर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने के कारण स्कूलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
परीक्षा प्रबंधन पर भी संकट
परीक्षा संचालन को लेकर भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। 30 मार्च और 2 अप्रैल को एक ही दिन कई कक्षाओं की परीक्षाएं निर्धारित हैं, जबकि इन्हीं दिनों कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा भी आयोजित होगी। इससे स्कूलों में कक्ष और पर्यवेक्षक शिक्षकों की कमी की समस्या खड़ी हो सकती है।
समय पर निर्णय नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी
शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द ही अधिभार और परीक्षा प्रबंधन पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए, तो परीक्षा संचालन प्रभावित हो सकता है और समय पर परिणाम जारी करना मुश्किल हो जाएगा। इससे छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गर्मी में दोपहर की परीक्षा पर आपत्ति
परीक्षा का समय दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक तय किया गया है, जो 25 मार्च से 7 अप्रैल तक चलेगा। बढ़ती गर्मी को देखते हुए शिक्षकों ने इस समय को अव्यवहारिक बताया है। उनका कहना है कि दोपहर में परीक्षा लेने से लू का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए परीक्षा समय सुबह 8 बजे से 11 बजे तक करने की मांग की गई है, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।





