
कवर्धा। मार्च महीने में कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। जिले के कई किसानों ने विभाग के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका असहयोगी और लापरवाह रवैया किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रहा है। किसानों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों का व्यवहार न केवल किसानों को परेशान कर रहा है, बल्कि इससे सरकार और गृह मंत्री की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों के अनुसार संबंधित अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज करते हैं। घुरूवा राम साहू, सुरेश चंद्रवंशी और मुकेश साहू सहित कई किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी अक्सर फोन तक नहीं उठाते। जब किसान अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, तब भी उनके साथ कठोर और “हाई प्रोफाइल” व्यवहार किया जाता है। इस कारण किसान खुलकर अपनी समस्याएं भी नहीं रख पा रहे हैं।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि विभाग की कई योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। बीज और खाद वितरण में लगातार देरी हो रही है, जिसके चलते किसानों को बार-बार कृषि कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मार्च का महीना रबी फसलों की देखभाल और अगली फसल की तैयारी के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे संवेदनशील समय में कृषि विभाग की सुस्त और लापरवाह कार्यप्रणाली किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। किसानों का कहना है कि कई सरकारी योजनाओं की जानकारी भी समय पर नहीं दी जाती, जिसके कारण वे सरकारी लाभ से वंचित रह जाते हैं।
स्थानीय किसानों और किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि कृषि विभाग की कार्यप्रणाली की तत्काल समीक्षा की जाए और किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इस मामले में सीजीएन न्यूज ने संबंधित कृषि अधिकारी मोहंती जी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। किसानों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि फोन नहीं उठाना उनकी आदत में शामिल हो गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पत्रकारों के फोन का जवाब नहीं दिया जा रहा, तो आम किसानों और जनता के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा।




