
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान पंडरिया विधानसभा के ग्रामीण, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार तथा पोषण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सकारात्मक सुधार होगा।
विधायक बोहरा ने ग्राम पंचायतों के डिजिटलीकरण, कंप्यूटर विहीन पंचायतों की समस्या और पंचायतों के माध्यम से स्वीकृत विकास कार्यों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। सरकार की ओर से दिए गए लिखित उत्तर के अनुसार कबीरधाम जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 15वें वित्त एवं मूलभूत योजनाओं के अंतर्गत 6254 विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 3573 कार्य पूर्ण, 1373 प्रगतिरत और 1237 कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं। इन कार्यों की निगरानी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की जाती है।
पंचायतों में कंप्यूटर उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी गई कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों के लिए कुल 7 कंप्यूटर खरीदे गए हैं, जिन पर 4.61 लाख रुपये व्यय हुए हैं।
मनरेगा (जी-राम-जी योजना) के अंतर्गत मजदूरी भुगतान पर चर्चा में बताया गया कि 27 फरवरी 2026 तक 225.09 लाख मानवदिवस की मजदूरी राशि 53143.71 लाख रुपये लंबित है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के संदर्भ में बताया गया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत प्रदेश के 17 जिलों में क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य प्रगति पर है। कबीरधाम जिला अस्पताल में इसका कार्य प्लिंथ स्तर पर जारी है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में कुपोषण प्रबंधन के लिए 10 बिस्तरों वाले पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित हैं।
इसके अलावा रोजगार के मुद्दे पर जानकारी दी गई कि कबीरधाम जिले में 31 जनवरी 2026 तक 28,619 युवक और 18,811 युवतियां रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हैं। पिछले दो वर्षों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से जिले के 211 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।





