कवर्धा में होटल-रेस्टोरेंट को कॉमर्शियल गैस आपूर्ति पर रोक, शादी सीजन के ऑर्डर संकट में

कवर्धा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने नई गाइडलाइन लागू कर दी है। इसके तहत फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है।
इस निर्णय के बाद जिले के होटल, रेस्टोरेंट और केटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। केटरर्स का कहना है कि शादी सीजन के लिए पहले से बुक ऑर्डर अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण प्रभावित हो सकते हैं।
शादी सीजन पर पड़ सकता है असर
जिले में अप्रैल, मई और जून के दौरान शादी-विवाह के कुल 24 शुभ मुहूर्त हैं। कवर्धा में ही केटरिंग व्यवसायियों के पास करीब 50 शादियों के ऑर्डर बुक हैं।
केटरर जितेन्द्र वैष्णव के अनुसार उनके पास लगभग 10 शादियों के ऑर्डर हैं, जो गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में प्रभावित हो सकते हैं। होटल व्यवसायियों का कहना है कि अब अधिकांश होटलों में लकड़ी या भट्टी का उपयोग बंद हो चुका है, इसलिए गैस की कमी से संचालन मुश्किल हो जाएगा।
प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले की 11 गैस एजेंसियों के संचालकों की बैठक लेकर कई निर्देश दिए।
एजेंसियों को गोदाम में कम से कम तीन दिन का गैस स्टॉक रखना होगा।
नियमित रूप से इंडेंट देना और स्टॉक-बिक्री की दैनिक रिपोर्ट प्रशासन को भेजना अनिवार्य होगा।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक खाद्य अधिकारी मदन मोहन साहू के अनुसार गैस की कालाबाजारी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। बुधवार को ही चार मामलों में पांच सिलेंडर जब्त किए गए।
25 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग
प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत
पिछली रिफिलिंग के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक किया जा सकेगा।
बुकिंग केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही मान्य होगी।
जिले में गैस उपभोक्ताओं की स्थिति
कबीरधाम जिले में वर्तमान में 11 गैस एजेंसियां संचालित हैं।
लगभग 1 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता
करीब 18 हजार कमर्शियल सिलेंडर उपभोक्ता
उज्ज्वला योजना के तहत 2 लाख से अधिक कनेक्शन
एजेंसियों के अनुसार जिले में प्रतिदिन औसतन 1700 घरेलू सिलेंडरों की खपत होती है, जिसमें लगभग 20 प्रतिशत खपत कॉमर्शियल सिलेंडरों की है।
अस्पताल और स्कूलों को ही मिलेगी आपूर्ति
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल अस्पताल, स्कूल, आश्रम और आंगनबाड़ी केंद्रों को ही दी जाएगी। होटल-रेस्टोरेंट को आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी न हो।
वहीं गैस कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों के पास सिलेंडरों की पर्याप्त व्यवस्था है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।



