प्रश्नपत्र के लिए भी बजट नहीं, बोर्ड के भरोसे 1.20 लाख बच्चे
कक्षा 1 से 8वीं तक प्रश्नपत्र नहीं छपे, शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर लिखेंगे सवाल; बच्चों को पहले प्रश्न उतारना होगा

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कबीरधाम जिले में सोमवार से त्रैमासिक परीक्षा शुरू हो रही है, लेकिन कक्षा 1 से 8वीं तक के करीब 1.20 लाख बच्चों की परीक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। इन कक्षाओं के प्रश्नपत्र छपवाने के लिए अलग बजट नहीं मिला है। विभाग ने प्रश्नपत्र का पीडीएफ स्कूलों को वाट्सएप के जरिए भेजा है।
अब परीक्षा में शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखेंगे और बच्चे उसे अपनी कॉपियों में उतारने के बाद उत्तर लिखेंगे। यदि प्रश्नपत्र में लंबा गद्यांश, चित्र या तालिका हुई तो उसे भी बोर्ड से देखकर कॉपी में बनाना पड़ेगा। इससे परीक्षा के निर्धारित समय का एक हिस्सा उत्तर लिखने के बजाय प्रश्न उतारने में खर्च होने की आशंका है।
वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र छपवाकर स्कूलों को उपलब्ध कराए गए हैं। ऐसे में एक ही जिले में प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के बच्चों के लिए अलग व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार करीब 1.20 लाख बच्चों के प्रश्नपत्र छपवाने में अनुमानित 26 लाख रुपए से अधिक खर्च हो सकते थे। विभाग का कहना है कि त्रैमासिक परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र छपाई का अलग बजट नहीं मिला।
टीचर्स एसोसिएशन ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि छोटे बच्चों को पहले प्रश्न उतारने में समय लगेगा, जिससे उत्तर लिखने के लिए कम समय मिल सकता है।
बड़ा सवाल
जब 9वीं से 12वीं के प्रश्नपत्र छप सकते हैं, तो पहली से 8वीं के 1.20 लाख बच्चों के लिए प्रश्नपत्र की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?





