श्रावण सोमवार को होगा पंचमुखी बूढ़ा महादेव में भव्य श्रृंगार और भस्म आरती
रात 2 बजे से उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब, अंतिम सोमवार को उज्जैन की तर्ज पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा बृजेश गुप्ता
श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। भगवान भोलेनाथ का प्रत्येक सोमवार अलग-अलग स्वरूपों में मनमोहक एवं दिव्य श्रृंगार किया जाता है। भव्य श्रृंगार के साथ होने वाली भस्म आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है।
भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर पहुंचना शुरू कर देते हैं। सुबह होने से पहले ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतार लग जाती है। विशेष रूप से भस्म आरती के दौरान बैंड-बाजे और भक्तिमय वातावरण के बीच पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठता है।
स्वयंभू शिवलिंग की होती है विशेष पूजा
मंदिर के पुजारी हितेश दुबे ने बताया कि पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन है और यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। प्रत्येक सोमवार बाबा का अलग स्वरूप में श्रृंगार कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाता है।
अंतिम सोमवार को उज्जैन की तर्ज पर शोभायात्रा
श्रावण मास के अंतिम सोमवार को हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर से उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में भगवान भोलेनाथ के मनमोहक स्वरूप, धार्मिक झांकियां, बैंड-बाजे और भक्तों की सहभागिता मुख्य आकर्षण रहेगी।
शोभायात्रा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। श्रावण के अंतिम सोमवार को मंदिर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में नजर आएगा।





