कवर्धा। जिस राजनैतिक दल कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता आयोध्या राम जन्मभूमि में स्थापित  रामलला मंदिर की सीढिय़ां चढऩे में भी गुरेज कर रहे हैं, कांग्रेस के जिन शीर्ष नेताओं ने श्री रामलला प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्यौता ठुकराकर आयोजन का बहिष्कार किया, जिन कांग्रेसी शीर्ष नेताओं के संरक्षण में धर्मनगरी कवर्धा में भगवा ध्वज का सरेआम अपमान किया गया, सनातनियों पर अत्याचार और लाठी चार्ज किया गया, आज उसी राजनैतिक दल के छुठभैया नेता मंदिर और सनातन धर्म की बात कर प्रदेश के गृह मंत्री का पुतला दहन कर घढिय़ाली आंसू बहा रहे हैं। उक्त बातें शहर भाजपा मण्डल के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी ने जारी बयान में कहीं। उन्होने कहा कि कांग्रेस एक मौका परस्त राजनैतिक दल है, जब कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में थी तो उसे न तो मंदिर याद आता था और न ही सनातन धर्म याद आता था। लेकिन आज जब कांग्रेस के इसी दोगलेपन को समझते हुए प्रदेश की जनता ने उसे सत्ता से हंकाल कर बेदखल कर दिया तो वह मंदिर और सनातन धर्म की बात कर रही है। उन्होने कहा कि बोड़ला के जिस मंदिर में चोरी और प्रतिमा खण्डन की बात कांग्रेस कर रही है उसकी जांच पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है। उन्होने कहा कि इस बात की चिंता कांग्रेस को करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे उन्हीं प्रदेश के गृहमंत्री से कार्यवाही की मांग कर रहे हैं जिन्होने कांग्रेस शासनकाल में सनानतन धर्म की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं भोगी हैं। प्रदेश के गृहमंत्री को पता है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। इसलिए बेहतर यही होगा कि सनातन धर्म विरोधी धर्म की आड़ में अपनी ओछी राजनीति न करें।

वहीं  चंद्रवंशी ने कहा काँग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता पहले जनता को ये बताये मंदिर से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन करने से पहले हिन्दू विरोधी अपने आकाओं से परमीशन लिया है या नही और लिया है तो लगातार करारी हार के बाद काँग्रेस अपना ट्रैक बदल रही है क्या ये भी जनता को बताए । क्योंकि इनके आका तो संभल जाकर तुष्टिकरण की अपनी परम्परागत राजनीति कर जिहादियो के साथ खड़ा होना चाहती है ।

Brajesh Gupta

By Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com