गांधी जयंती पर कवर्धा में ड्राई डे, शराब की बिक्री-परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध
दुकानें, आहाते और पर्यटन बार रहेंगे बंद; अवैध बिक्री व परिवहन पर कार्रवाई के निर्देश

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा, 2 अक्टूबर 2026। गांधी जयंती के अवसर पर आज कबीरधाम जिले में शुष्क दिवस (ड्राई डे) लागू है। जिला प्रशासन ने 2 अक्टूबर को जिले में मदिरा की बिक्री, परिवहन, वितरण और धारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके चलते जिले की देशी, विदेशी एवं कंपोजिट मदिरा की फुटकर दुकानें, एफएल-3 (ग) पर्यटन बार, मद्य भंडारण भंडार तथा मदिरा दुकानों से जुड़े आहाते बंद रहेंगे।
सुबह से बंद नजर आईं शराब दुकानें
गांधी जयंती के दिन कवर्धा शहर सहित जिले के प्रमुख क्षेत्रों में शराब दुकानों के बंद रहने से सामान्य दिनों की तुलना में बाजार का माहौल अलग नजर आ रहा है। प्रशासन के आदेश के चलते लाइसेंसी शराब दुकानों पर बिक्री पूरी तरह बंद है। अब निगाह इस बात पर है कि प्रतिबंध के दौरान कहीं अवैध रूप से शराब की बिक्री या परिवहन तो नहीं हो रहा।
सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी नजर जरूरी
कबीरधाम जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब के परिवहन पर निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। खासकर कवर्धा शहर से बाहर जाने वाले मार्गों, प्रमुख चौक-चौराहों और ग्रामीण इलाकों में प्रशासन और आबकारी अमले की कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान यदि किसी स्थान पर मदिरा की अवैध बिक्री, धारण अथवा परिवहन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सवाल—क्या ड्राई डे पर पूरी तरह रुकेगा अवैध कारोबार?
शुष्क दिवस के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही है कि लाइसेंसी दुकानें बंद होने के बावजूद कहीं चोरी-छिपे शराब की बिक्री तो नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बिक्री की शिकायतों पर प्रशासन की कार्रवाई इस प्रतिबंध की प्रभावशीलता तय करेगी।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान इन बिंदुओं पर नजर:
शराब दुकानों पर ताला और सील की स्थिति
प्रमुख मार्गों पर आबकारी/पुलिस की निगरानी
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बिक्री की शिकायतें
होटल, ढाबे और पर्यटन स्थलों पर शराब परोसने की स्थिति
पिछले शुष्क दिवस में हुई कार्रवाई
आज पकड़े गए मामलों और जब्ती का आंकड़ा
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
एक तरफ गांधी जयंती के कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, वहीं दूसरी ओर शुष्क दिवस के आदेश का पालन कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।
जिला प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—शुष्क दिवस के दौरान शराब का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



