लबालब हुए बांध, किसानों के चेहरे खिले: रबी फसल के लिए भरपूर पानी की उम्मीद

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कबीरधाम जिले में लगातार हुई बारिश से प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त जलभराव हुआ है। सरोदा और सुतियापाट जलाशय क्षमता से ऊपर पहुंच गए हैं, जबकि अन्य जलाशयों में भी संतोषजनक मात्रा में पानी उपलब्ध है। जलाशयों में पानी की इस स्थिति से जिले के किसानों को आगामी रबी सीजन में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
सरोदा जलाशय में पूर्ण जलभराव क्षमता 30.15 मिलियन क्यूबिक मीटर के मुकाबले करीब 36.91 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी दर्ज किया गया है। जलस्तर एफआरएल से 1.33 मीटर यानी करीब 4.36 फीट ऊपर पहुंच गया है। पानी की लगातार आवक के कारण वेस्ट वियर से करीब 100 क्यूमेक्स पानी बाहर निकल रहा है।
सुतियापाट भी क्षमता से ऊपर
सुतियापाट जलाशय में भी पानी का स्तर क्षमता से ऊपर पहुंच चुका है। इसकी कुल क्षमता 34.10 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जबकि जलभराव करीब 36.30 मिलियन क्यूबिक मीटर यानी 106.45 प्रतिशत दर्ज किया गया है। बांध के उलट से करीब 30,370 लीटर प्रति सेकंड पानी बाहर छोड़ा जा रहा है।
सरोदा जलाशय से भी अलग-अलग छोरों से पानी की निकासी जारी है। इसके अलावा सिंचाई के लिए नहर में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे आने वाले समय में किसानों को खेतों की सिंचाई में फायदा मिलने की संभावना है।
रबी फसल के लिए राहत
जलाशयों में पर्याप्त पानी होने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को रबी सीजन में मिल सकता है। धान के बाद गेहूं, चना, मटर, मसूर, सब्जियों और अन्य सिंचित फसलों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है। जलाशयों में अच्छा भंडारण होने से सिंचाई विभाग के सामने पानी की कमी की चुनौती भी अपेक्षाकृत कम रह सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जलाशयों में मौजूदा जलभंडारण लंबे समय तक बना रहता है और सिंचाई के लिए पानी का नियोजित उपयोग किया जाता है, तो किसानों को रबी फसल के दौरान महत्वपूर्ण राहत मिल सकती है।
जलाशयों में पानी की स्थिति
जलाशय
क्षमता (एमसीएम)
वर्तमान जलभराव
सरोदा
30.150
36.91 एमसीएम
सुतियापाट
34.100
36.30 एमसीएम
कर्शनाला
18.095
91.78%
बहेराखार
13.710
100.02%
छीरपानी
50.250
94.43%
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण?
रबी फसलों के लिए सिंचाई की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद।
गेहूं, चना, मटर और सब्जियों जैसी फसलों को लाभ मिल सकता है।
जलाशयों में अच्छा भंडारण होने से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती।
आगामी महीनों में पानी की कमी का जोखिम कम हो सकता है।
पर्याप्त जल उपलब्धता से किसानों को फसल विविधीकरण का अवसर मिल सकता है।
अच्छी बारिश और जलाशयों में भरपूर पानी ने इस बार कबीरधाम के किसानों के लिए रबी सीजन की उम्मीदों को मजबूत किया है। अब जरूरत जलाशयों में संग्रहित पानी के सुनियोजित और समान वितरण की है, ताकि इसका अधिकतम लाभ खेतों तक पहुंच सके।



