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एनएमसी की मान्यता अटकी, वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे शुरू होगी कवर्धा मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई

ब्रजेश गुप्ता
कवर्धा। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा बुनियादी ढांचे और भवन संबंधी आपत्तियां उठाए जाने के बाद कवर्धा मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर फिलहाल संशय बना हुआ है। ऐसे में आगामी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने को लेकर अनिश्चितता का माहौल है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया है कि एनएमसी की सभी आपत्तियों का जल्द निराकरण कर लिया जाएगा और इस सत्र को बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार कर ली गई हैं।
कॉलेज प्रबंधन अगले एक सप्ताह के भीतर एनएमसी और केंद्र सरकार को विस्तृत जवाब सौंपेगा। इसके तहत मेडिकल कॉलेज, हॉस्टल और प्रयोगशालाओं के लिए अस्थायी रूप से सरकारी भवनों का चयन किया गया है, ताकि इसी सत्र से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जा सकें।
आयुष अस्पताल में लगेंगी कक्षाएं
प्रबंधन के अनुसार मेडिकल कॉलेज की प्रारंभिक कक्षाएं और एकेडमिक ब्लॉक अस्थायी रूप से आयुष अस्पताल भवन में संचालित किए जाएंगे। वहीं छात्रों के प्रैक्टिकल और शोध कार्यों के लिए उद्योग विभाग के परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएं विकसित की जा रही हैं। बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए पुरानी कचहरी परिसर में हॉस्टल व्यवस्था की जाएगी।
जून अंत में दोबारा निरीक्षण की संभावना
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अजय कोसम ने बताया कि जवाबी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जून के अंतिम सप्ताह तक एनएमसी की टीम दोबारा भौतिक सत्यापन और निरीक्षण के लिए कवर्धा आ सकती है। उनका कहना है कि इस बार सभी आवश्यक दस्तावेज और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कॉलेज को लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर तक मिलेगा तैयारी का अतिरिक्त समय
नीट परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव और काउंसलिंग में संभावित देरी के चलते मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और स्टाफ भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर तक खिंच सकती है। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि यह अतिरिक्त समय अधोसंरचना और अन्य तैयारियों को पूरा करने में मददगार साबित होगा।
जनवरी 2027 तक तैयार होगा स्थायी परिसर
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अनुसार मेडिकल कॉलेज के मुख्य प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक ब्लॉक और हॉस्टल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। प्रबंधन का दावा है कि जनवरी 2027 तक स्थायी परिसर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। तब तक वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
एक नजर में कवर्धा मेडिकल कॉलेज
आगामी सत्र से एमबीबीएस की 50 सीटों पर प्रवेश प्रस्तावित।
जिला न्यायालय रोड स्थित भवनों का अस्थायी उपयोग।
जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बेड की गई।
जिला अस्पताल को टीचिंग हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
घोठिया रोड स्थित 42 एकड़ भूमि पर स्थायी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर का निर्माण जारी।
परियोजना पर लगभग 306 करोड़ रुपये की लागत।
परिसर में सात भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर।
मेडिकल कॉलेज के लिए 60 शिक्षकीय एवं प्रशासनिक पद स्वीकृत।
एनएमसी की मंजूरी मिलने पर कवर्धा जिले को पहली बार मेडिकल शिक्षा का बड़ा केंद्र बनने का अवसर मिलेगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेगी।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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