देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल सफल: कवर्धा में दवा दुकानों रहे बंद, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कवर्धा, 21 मई 2026।
ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) एवं सीसीडीए राज्य केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को देशभर में आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। कवर्धा जिले सहित प्रदेशभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान पूर्णतः बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया।
हड़ताल के दौरान जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दिए जा रहे अत्यधिक डिस्काउंट को जन स्वास्थ्य और छोटे लाइसेंसधारी केमिस्ट्स के लिए गंभीर खतरा बताया गया।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में मांग की कि GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उनका कहना है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा अनियंत्रित दवा वितरण के लिए किया जा रहा है।
केमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स ने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं। उचित चिकित्सकीय सत्यापन के बिना ऑनलाइन बिक्री मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत स्थापित नियामकीय व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन रही है।
फार्मास्यूटिकल व्यापार से जुड़े प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि कोविड महामारी के दौरान देशभर के केमिस्ट्स ने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर सपोर्ट प्रदाताओं के रूप में लगातार सेवाएं दीं और आम लोगों तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। बावजूद इसके, अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के खिलाफ बार-बार शिकायतें और प्रमाण देने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और लाखों छोटे लाइसेंसधारी केमिस्ट्स एवं उनके कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
कवर्धा जिले में आयोजित यह हड़ताल शांतिपूर्ण रही और इसे केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट समुदाय का व्यापक समर्थन मिला। हड़ताल के दौरान जरूरतमंद मरीजों को आवश्यक एवं आपातकालीन दवाएं उपलब्ध कराकर मानवीय दायित्व का भी निर्वहन किया गया।




