डीएमएफ के 22 करोड़ के निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी का आरोप
कागजों में पूरा, जमीन पर अधूरा निर्माण; जिपं सीईओ से शिकायत

कवर्धा। कबीरधाम जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत 165 निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और मापदंडों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि कागजों में पुल-पुलिया और चेकडेम निर्माण को पूर्ण और मानक अनुरूप दर्शाकर भुगतान निकाल लिया गया, जबकि मौके पर निर्माण कार्य अधूरे और निम्न स्तर के पाए गए।
इस मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार ग्राम थूहापानी, लरबक्की, बोल्दाखुर्द और पंडरीपानी सहित कई गांवों में पुलिया निर्माण के दौरान एबटमेंट और विंगवाल की गहराई निर्धारित 4 मीटर के बजाय केवल 2 से 2.5 मीटर तक ही बनाई गई। वहीं मुड़घुसरी जंगल और कोयलारी क्षेत्र में चेकडेम निर्माण के वियर तथा लंबाई-चौड़ाई में भी कटौती करने का आरोप लगाया गया है।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की अनदेखी का आरोप
युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने कहा कि डीएमएफ नियमों के अनुसार 60 प्रतिशत राशि पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च की जानी चाहिए। लेकिन जिले की चारों जनपद पंचायतों — कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा — में स्वीकृत अधिकांश कार्य भौतिक अधोसंरचना से जुड़े हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के 200 से अधिक खनन प्रभावित गांवों के बजाय सीमित क्षेत्रों में ही बजट खर्च किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार ग्राम बोल्दाखुर्द में एक करोड़ रुपए से अधिक, लरबक्की में 60 लाख, खड़सरा में 55 लाख और मुड़घुसरी जंगल में 50 लाख रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
जांच कराने का आश्वासन
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में सुशासन तिहार के चलते प्रशासनिक व्यस्तता है और लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद शिकायत की जांच जल्द कराई जाएगी।





