कवर्धा। जिले में RTE (Right to Education) प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच मजगांव स्थित अशोका पब्लिक स्कूल के संचालक पवन देवांगन ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “भ्रामक प्रचार” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी गड़बड़ी या धांधली से जुड़ा नहीं, बल्कि अधूरी जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। पवन देवांगन ने बताया कि अशोका पब्लिक स्कूल लंबे समय से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शासन के नियमों के पालन के लिए जाना जाता रहा है। हाल ही में सामने आई खबरों में तथ्यों को सही संदर्भ में नहीं रखा गया, जिससे विद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। पुराने स्थान के आधार पर हुए प्रवेश उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय पहले शिक्षक कॉलोनी क्षेत्र में संचालित होता था और उसी समय की प्रक्रिया के अनुसार RTE के तहत प्रवेश दिए गए थे। बाद में विद्यालय को विधिवत अनुमति के साथ मजगांव स्थानांतरित किया गया। ऐसे में जिन प्रवेशों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वे पुराने पते और उस समय लागू नियमों के अनुरूप ही हुए थे। RTE प्रक्रिया में विद्यालय की सीमित भूमिका संचालक ने कहा कि RTE के तहत प्रवेश की पूरी प्रक्रिया शासन और प्रशासन द्वारा निर्धारित होती है। किस विद्यार्थी को किस स्कूल में प्रवेश मिलेगा और लॉटरी कैसे होगी, यह पूरी तरह सरकारी प्रणाली तय करती है। विद्यालय की इसमें कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती, वह केवल निर्देशों का पालन करता है। भ्रामक खबरों से आहत प्रबंधन पवन देवांगन ने मीडिया में आई खबरों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना पूरी सच्चाई जाने इस प्रकार की रिपोर्टिंग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विद्यालय ने सभी आवेदन और दस्तावेज नियमानुसार प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए हैं, फिर भी संस्थान की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है। तकनीकी त्रुटि की संभावना जताई विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी सामने आई है, तो वह पोर्टल या प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी कमी हो सकती है। प्रारंभिक जांच में भी सत्यापन की कमी की बात सामने आई है, जिससे इसे प्रक्रियागत चूक माना जा सकता है। स्थानांतरण की पूरी अनुमति मौजूद संचालक ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय के स्थानांतरण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी से विधिवत अनुमति ली गई है और सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं। स्कूल द्वारा हर कदम शासन के नियमों के अनुसार उठाया गया है। अंत में पवन देवांगन ने मीडिया से अपील की कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित किए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन निष्पक्ष जांच का स्वागत करता है और प्रशासन को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।Post navigation24 घंटे में नाबालिक गुमशुदगी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार – कबीरधाम पुलिस की त्वरित कार्रवाई