
कवर्धा, कबीरधाम। जिले के लिए राहत भरी खबर है। नए शैक्षणिक सत्र से कवर्धा में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इसके लिए 50 सीटों पर प्रवेश की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। स्थायी मेडिकल कॉलेज भवन बनने में अभी करीब दो साल का समय लगेगा, इसलिए फिलहाल पढ़ाई अस्थायी व्यवस्था में शुरू की जाएगी।
अस्थायी तौर पर मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं जिला न्यायालय रोड स्थित आयुष पॉली क्लिनिक भवन में संचालित होंगी। इसके लिए आयुष भवन को हैंडओवर लेकर खाली करा लिया गया है और वहां मेडिकल कॉलेज का बोर्ड भी लगा दिया गया है। आयुष क्लिनिक को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं, आयुष भवन से लगे उद्योग विभाग के भवन को भी कॉलेज के उपयोग में लेने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
मेडिकल कॉलेज का कार्यालय जिला अस्पताल के पीछे स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर भवन में बनाया जा रहा है। कॉलेज संचालन के लिए 60 शिक्षकीय और प्रशासनिक पदों को मंजूरी दी गई है।
सबसे अहम प्रक्रिया राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की टीम का निरीक्षण होगा। एनएमसी की टीम कॉलेज संचालन की तैयारियों का जायजा लेगी। यदि सभी मानक पूरे पाए जाते हैं तो जून-जुलाई 2026 से 50 सीटों पर एमबीबीएस में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार नए डीन डॉ. अजय कोसाम ने पदभार संभाल लिया है और उनके निर्देशन में कॉलेज की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।
शहर के मोठिया रोड पर बीज निगम के पास 39.24 एकड़ भूमि पर स्थायी मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी शुरू हो चुका है। लगभग 306 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में सात मंजिला मेडिकल कॉलेज भवन, 100 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल, छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल, टीचर्स क्वार्टर, प्रशासनिक भवन सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निर्माण कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन द्वारा कराया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज की आवश्यक शर्तों को पूरा करने के लिए जिला अस्पताल की बेड क्षमता भी 100 से बढ़ाकर 220 कर दी गई है। इससे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।





