
ब्रजेश गुप्ता
कवर्धा/पंडरिया। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना में भारी वित्तीय लापरवाही सामने आने के बाद कवर्धा के पूर्व सीएमओ नरेश वर्मा और पंडरिया के सीएमओ अमिताभ शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में लाखों रुपये की गड़बड़ी और राजस्व वसूली में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) की सेवा प्रदाता एजेंसी पर 25,91,500 रुपये का अर्थदंड लगाया जाना था, लेकिन तत्कालीन सीएमओ नरेश वर्मा ने पेनाल्टी की पूरी वसूली नहीं की। थर्ड पार्टी ऑडिट और एरिया मैनेजर की रिपोर्ट में 17,07,880 रुपये और 6,00,500 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। कुल मिलाकर करीब 23,08,380 रुपये की गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इसके अलावा दवा खरीदी और भुगतान प्रक्रिया में 2,13,497 रुपये की फिजूलखर्ची भी पाई गई।
जांच समिति ने स्पष्ट किया कि पेनाल्टी लागू नहीं करने से शासन को सीधा 25,91,500 रुपये का नुकसान हुआ। इससे पहले वसूली के लिए पत्र जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला शासन स्तर तक पहुंचा और अंततः निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, दुर्ग रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
वहीं, पंडरिया नगर पालिका में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दिसंबर 2025 तक संपत्तियों का नया टैक्स निर्धारण नहीं किया गया, जिससे राजस्व वसूली प्रभावित हुई। समीक्षा बैठक में इसे गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना गया। शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत कदाचार मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
गरीबों को मुफ्त इलाज और दवा उपलब्ध कराने वाली स्लम स्वास्थ्य योजना में हुई इस लापरवाही को शासन ने गंभीरता से लिया है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।




