कवर्धा -: यह मामला केवल एक आपराधिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार और संवेदनशील पेशे की साख पर भी सवाल खड़े करता है। आरोप है कि आरोपी ने पत्रकार की पहचान का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कृत्य न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि उन सैकड़ों ईमानदार पत्रकारों की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जो समाज के हित में काम करते हैं, सच सामने लाते हैं और सत्ता से सवाल पूछते हैं।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति इस पहचान की आड़ लेकर गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो यह पूरे पेशे को बदनाम करने जैसा है। अब सभी की नजरें पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं कि जांच में और क्या तथ्य सामने आते हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है।





