
कवर्धा, 05 फरवरी 2026।
जिला जेल कबीरधाम में बंदियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से गीता परिवार द्वारा नियमित रूप से श्रीमद्भगवद्गीता के सभी अध्यायों का क्रमबद्ध अध्ययन कराया जा रहा है। यह पहल कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में 03 फरवरी 2026 से प्रारंभ की गई है।
कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के 11 बंदियों को प्रतिदिन प्रातः 7.30 बजे से 8.10 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से गीता पाठ कराया जा रहा है। गीता परिवार से जुड़ी श्रीमती वर्षा वर्मा, श्री नितिन गोरे एवं श्रीमती साई काव्या द्वारा कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें सरल एवं सहज भाषा में श्लोकों का अर्थ, भावार्थ तथा उनके व्यावहारिक उपयोग समझाए जा रहे हैं, ताकि बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
सहायक जेल अधीक्षक राजेंद्र बंजारे ने बताया कि यह गीता अध्ययन कार्यक्रम कुल तीन माह की अवधि का होगा, जिसमें गीता के सभी 18 अध्यायों का अध्ययन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, आत्मचिंतन की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें जीवन में सही दिशा और मूल्यबोध प्रदान करना है।
उन्होंने यह भी बताया कि गीता अध्ययन के माध्यम से बंदियों में धैर्य, मानसिक शांति और संयम जैसे गुणों का विकास होगा, जिससे उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।




