
कवर्धा, 07 फरवरी 2026।
कबीरधाम जिला के 471 ग्राम पंचायतों में रोजगार एवं आवास दिवस के अवसर पर ग्रामीणों से व्यापक संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान जिले में चल रहे निर्माण कार्यों में संलग्न 55,599 ग्रामीणों को उनके रोजगार के अधिकार सुरक्षित होने, समय पर मजदूरी भुगतान, अधोसंरचना विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के तहत वनांचल एवं मैदानी क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों—सेंदुरखार, महीडबरा, पोलमी, पंडरीपानी, भेलकी, छुही, अमनआरा, खड़ौदाखुर्द, सिल्हाटी, धर्मगढ़, तालपुर सहित जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजन किया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 से प्रत्येक पंजीकृत परिवार को 100 के स्थान पर 125 दिन का रोजगार मिलेगा। साथ ही एक सप्ताह से अधिकतम 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, विलंब होने पर बेरोजगारी भत्ता तथा ग्राम सभा को कार्य चयन के अधिकार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की गईं।
इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात महात्मा गांधी नरेगा योजना के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी योजना लागू होगी। नई योजना के माध्यम से ग्रामीणों को अधिक अधिकार संपन्न बनाते हुए भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल महोत्सव के साथ रोजगार एवं आवास दिवस आयोजित कर ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम ने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले में महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 55,599 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। रोजगार सृजन के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिले की 437 ग्राम पंचायतों में कुल 3,820 कार्य प्रगति पर हैं।
कार्यस्थलों पर श्रमिकों को कार्य पूर्ण होने के पश्चात प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़े लाभों की भी जानकारी दी गई। इसमें राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, पशु शेड, मुर्गी पालन शेड एवं आजीविका डबरी निर्माण जैसे अभिसरण कार्यों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि जिले के मैदानी स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों की सहभागिता से मनरेगा कार्यस्थलों, प्रधानमंत्री आवास निर्माण स्थलों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर यह आयोजन किया गया। वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 के अंतर्गत जवाबदेही, पारदर्शिता और जन जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु क्यूआर कोड आधारित नवाचार एवं आजीविका डबरी निर्माण को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे यह आयोजन जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है।




