महाराष्ट्र के वन अधिकारियों ने किया बोड़ला शहद प्रसंस्करण केंद्र का अध्ययन
शहद संग्रहण से विपणन तक की व्यवस्थाओं को देखा, लघु वनोपज से रोजगार बढ़ाने पर दिया जोर

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा/बोड़ला। छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज आधारित आजीविका और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में संचालित प्रयासों का अध्ययन करने महाराष्ट्र वन विभाग के नागपुर वनमंडल का आठ सदस्यीय दल बोड़ला पहुंचा। 24 अक्टूबर को जिला यूनियन कवर्धा द्वारा संचालित शहद प्रसंस्करण केंद्र का भ्रमण कर दल ने शहद संग्रहण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और विपणन की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान जिला यूनियन कवर्धा के उप प्रबंध संचालक दीपक पटेल ने अध्ययन दल का स्वागत किया। वहीं, वनधन विकास केंद्र के मैनेजर कुलदीप पटेल ने शहद के संग्रहण से लेकर उसके प्रसंस्करण, भंडारण, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने केंद्र में अपनाई जा रही कार्यप्रणाली और शहद के विपणन से जुड़ी व्यवस्थाओं से भी दल को अवगत कराया।
वनोपज संग्राहकों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा
अध्ययन दल का मुख्य उद्देश्य लघु वनोपज के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने, वनोपज का मूल्य संवर्धन करने और सामुदायिक उद्यमों के विकास के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं को समझना था। दल के सदस्यों ने शहद प्रसंस्करण और विपणन प्रणाली में विशेष रुचि दिखाई। साथ ही स्थानीय वनोपज संग्राहकों के लिए रोजगार सृजन और आय बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी ली।
दल ने केंद्र की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए इस प्रकार की गतिविधियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना। ऐसे अध्ययन भ्रमणों से विभिन्न राज्यों के वन विभागों के बीच अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान होता है। इससे लघु वनोपज के बेहतर उपयोग, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और संग्राहकों की आजीविका को मजबूती देने के प्रयासों को प्रोत्साहन मिलता है।
ये रहे उपस्थित
भ्रमण के दौरान नागपुर वनमंडल के उप वनमंडलाधिकारी गोविंदा लुचे, आठ सदस्यीय अध्ययन दल, जिला यूनियन कवर्धा के उप प्रबंध संचालक दीपक पटेल, वनधन विकास केंद्र के मैनेजर कुलदीप पटेल, समूह के सदस्य और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।



