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54 करोड़ से बदलेगा एनएच-30 का 7.8 किमी कॉरिडोर, फोरलेन और चौड़ी सड़क से बदलेगी कवर्धा की ट्रैफिक तस्वीर

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा शहर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-30 का करीब 7.8 किलोमीटर हिस्सा अब नए स्वरूप में विकसित होने जा रहा है। करीब 54 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इस कार्य में पूरे मार्ग को एक ही पैटर्न पर विकसित करने के बजाय यातायात की जरूरत के अनुसार चार अलग-अलग पैच में काम किया जाएगा। कहीं डिवाइडर के साथ फोरलेन बनेगा, कहीं सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी और शहर के व्यस्त हिस्से में मौजूदा सड़क का नवीनीकरण किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी की ईई पूर्णिमा चंद्रा के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल सड़क को नया बनाना नहीं, बल्कि कवर्धा शहर के बढ़ते यातायात को देखते हुए पूरे कॉरिडोर की क्षमता और सुरक्षा बढ़ाना है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने फोरलेन निर्माण का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडेय भी मौजूद रहे।
चार हिस्सों में होगा काम
पहला पैच : जोराताल से कृषि मंडी तक फोरलेन
जोराताल से नवीन कृषि मंडी तक सड़क को डिवाइडर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा। दोनों ओर करीब 7.50-7.50 मीटर चौड़ी सड़क होगी। इससे भारी वाहनों, बसों और छोटे वाहनों को अलग-अलग लेन में आवाजाही की सुविधा मिलेगी।
दूसरा पैच : मंडी से संकरी नदी पुल तक सड़क होगी 10 मीटर चौड़ी
वर्तमान में करीब 7 मीटर चौड़ी सड़क को बढ़ाकर लगभग 10 मीटर किया जाएगा। इस हिस्से में डिवाइडर के बजाय अतिरिक्त चौड़ाई देकर यातायात को सुगम बनाने पर जोर रहेगा।
तीसरा पैच : शहर के प्रमुख चौकों पर नवीनीकरण
मिनीमाता चौक से रॉयल सेलिब्रेशन तक मिनीमाता चौक, ऋषभदेव चौक, वीर स्तंभ और गुरु गोविंद सिंह चौक वाला हिस्सा शामिल है। यहां सड़क को और चौड़ा करने के बजाय मौजूदा मार्ग का नवीनीकरण और डामरीकरण किया जाएगा।
चौथा पैच : रॉयल सेलिब्रेशन से चंद्रायन हॉस्पिटल तक फोरलेन
रॉयल सेलिब्रेशन से चंद्रायन हॉस्पिटल तक सड़क को डिवाइडर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा। इस तरह पूरे 7.8 किमी कॉरिडोर में यातायात की जरूरत के अनुसार फोरलेन, चौड़ीकरण और नवीनीकरण का मिश्रित मॉडल अपनाया जाएगा।
भविष्य में ये होंगे बड़े फायदे
1. शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा
फोरलेन और चौड़ी सड़क बनने से वाहनों को एक-दूसरे से निकलने के लिए ज्यादा जगह मिलेगी। खासकर मंडी और संकरी नदी पुल के आसपास लगने वाली वाहनों की कतार में कमी आने की उम्मीद है।
2. भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी
एनएच-30 पर ट्रक, बस, ट्रैक्टर और अन्य व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही रहती है। चौड़ी सड़क और अलग लेन व्यवस्था से भारी वाहनों के कारण छोटे वाहनों की गति प्रभावित होने की समस्या कम हो सकती है।
3. हादसों के जोखिम में कमी की संभावना
सड़क की चौड़ाई बढ़ने, फोरलेन और डिवाइडर बनने से वाहनों के आमने-सामने आने की स्थिति कम होगी। ब्लैक स्पॉट वाले हिस्सों में यातायात प्रबंधन बेहतर होने से सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है।
4. कृषि मंडी और व्यापारिक गतिविधियों को फायदा
कृषि मंडी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और मालवाहक वाहन पहुंचते हैं। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कृषि उपज के परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को सुगमता मिल सकती है।
5. कवर्धा शहर के विकास को मिलेगी नई कनेक्टिविटी
यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ता है। सड़क का उन्नयन होने से शहर के बाहरी हिस्सों और मुख्य बाजार क्षेत्र के बीच आवागमन अधिक व्यवस्थित हो सकता है।
6. पर्यटन को भी मिल सकता है फायदा
कवर्धा की धार्मिक और पर्यटन पहचान को देखते हुए बेहतर प्रवेश मार्ग शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकता है। दोनों छोर पर प्रस्तावित प्रवेश द्वारों के डिजाइन में स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को शामिल करने की योजना है।
7. आने वाले वर्षों में बढ़ते ट्रैफिक का दबाव संभालने में मदद
शहर का विस्तार और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ मौजूदा सड़क पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। अभी सड़क की क्षमता बढ़ाने से भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को संभालने में मदद मिल सकती है।
फोरलेन के दोनों छोर पर दिखेगी कवर्धा की पहचान
इस परियोजना की खास बात यह भी है कि प्रस्तावित फोरलेन सड़क के दोनों छोर पर प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इनके डिजाइन में कवर्धा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता देने की योजना है। इससे यह सड़क परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के प्रवेश मार्ग को एक अलग पहचान देने का माध्यम भी बन सकती है।
एक नजर में प्रोजेक्ट
लागत — करीब 54 करोड़ रुपए
कुल लंबाई — 7.8 किमी
फोरलेन — जोराताल से मंडी और रॉयल सेलिब्रेशन से चंद्रायन हॉस्पिटल
चौड़ीकरण — मंडी से संकरी नदी पुल तक करीब 7 से 10 मीटर
नवीनीकरण — शहर के प्रमुख चौकों वाला हिस्सा
प्रमुख उद्देश्य — यातायात सुगम करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और भविष्य की जरूरत के अनुरूप सड़क क्षमता विकसित करना

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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