सामुदायिक भवन में लग रही कक्षाएं, जर्जर स्कूल में करते हैं मध्याह्न भोजन
दो साल से 56 बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित, न शौचालय और न बाउंड्रीवाल की सुविधा

CGN News | चिल्फीघाटी। कवर्धा
वनांचल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर ग्राम कुंडपानी की प्राथमिक शाला में देखने को मिल रही है। यहां 56 बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन जर्जर स्कूल भवन के कारण करीब दो वर्षों से कक्षाएं सामुदायिक विकास केंद्र में संचालित की जा रही हैं। स्थायी भवन की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
जर्जर भवन में मध्याह्न भोजन की मजबूरी
स्कूल भवन की हालत खराब होने के कारण बच्चों को सामुदायिक विकास केंद्र में बैठाकर पढ़ाया जाता है, जबकि मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पुराने जर्जर स्कूल भवन में ही है। इसके चलते बच्चों को भोजन करने के लिए करीब 700 मीटर दूर जाना पड़ता है। बारिश के मौसम में छोटे बच्चों को इतनी दूरी तय करना परेशानी के साथ सुरक्षा का भी विषय बन गया है।
शिक्षकों की व्यवस्था पर भी सवाल
स्कूल में पहले दो शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन इनमें से एक शिक्षक का स्थानांतरण हो चुका है। बताया गया कि स्थानांतरण के बाद भी उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया गया है। इससे स्कूल में शिक्षकों की वास्तविक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि 56 बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था जरूरी है।
न शौचालय, न बाउंड्रीवाल
स्कूल में बच्चों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। शौचालय और बाउंड्रीवाल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। स्कूल परिसर की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्षों से सामुदायिक विकास केंद्र में कक्षाएं संचालित होने के बावजूद अब तक स्थायी भवन की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
भवन की स्वीकृति की जानकारी बीआरसी से मिलेगी
इस संबंध में बीईओ शेखर राजपूत का कहना है कि स्कूल भवन की स्वीकृति के संबंध में स्पष्ट जानकारी बीआरसी से ही मिल पाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग जल्द से जल्द स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण में पढ़ाई करने की सुविधा मिल सके।




