विविध

विधानसभा में भावना बोहरा के सवालों पर सरकार के जवाब, वनांचल में 71 परिवार अब भी बिजली से वंचित,

कबीरधाम में 372 राजस्व प्रकरण लंबित

कवर्धा/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा क्षेत्र और कबीरधाम जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में बिजली, रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण, लंबित राजस्व प्रकरणों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं पर सरकार से जवाब मांगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिखित उत्तर के अनुसार पंडरिया के वनांचल क्षेत्र की 6 ग्राम पंचायतों के 20 गांवों में से जून 2026 तक 8 गांव पारंपरिक बिजली व्यवस्था से अब भी वंचित हैं। इन गांवों के 71 परिवारों तक बिजली नहीं पहुंची है, जबकि 1127 परिवार केवल सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था पर निर्भर हैं। सरकार ने बताया कि इन क्षेत्रों में सौर संयंत्रों से रात में रोशनी और मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सघन वन क्षेत्र होने के कारण इन गांवों को फिलहाल पारंपरिक विद्युत ग्रिड से जोड़ने की कोई कार्ययोजना नहीं है।
राजस्व विभाग की ओर से बताया गया कि रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया जारी है। हालांकि भुईयां पोर्टल में सभी स्वतः नामांतरण प्रकरणों को प्रदर्शित करने के लिए तकनीकी प्रावधान अभी प्रक्रियाधीन हैं। मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच तकनीकी समस्याओं से संबंधित कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनका निराकरण कर दिया गया है।
कबीरधाम जिले में भू-राजस्व संहिता की धारा 115 के तहत 372 मूल एवं अपील प्रकरण लंबित होने की जानकारी भी सरकार ने दी। सरकार के अनुसार पक्षकारों की अनुपस्थिति और साक्ष्य प्रस्तुत करने में देरी लंबित मामलों के प्रमुख कारण हैं। इन प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए राजस्व शिविर और ई-कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है तथा 45 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने जवाब में बताया कि वन सुरक्षा समितियों, लघु वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े श्रमिकों एवं संग्राहकों को पारिश्रमिक के अलावा प्रोत्साहन राशि, बीमा, सामाजिक सुरक्षा तथा उनके बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी विभिन्न कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। विधायक भावना बोहरा ने इन योजनाओं के लाभार्थियों और उनके क्रियान्वयन की जानकारी भी सदन में मांगी।
सरकार के लिखित जवाबों के माध्यम से वनांचल क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, राजस्व प्रशासन और वन श्रमिकों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

Advertisement Advertisement 2

Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button