
रायपुर/कवर्धा। रायपुर-जबलपुर कॉरिडोर की धड़कन मानी जाने वाली National Highway 30 पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। धवईपानी (चिल्फी) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक के शेष लगभग 122 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से चिल्फी घाटी के जानलेवा मोड़ों का पुनः डिज़ाइन और चौड़ीकरण संभव होगा, साथ ही क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे हादसों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री की पहल के बाद बढ़ी प्रक्रिया
यह पहल तब तेज हुई जब छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma ने बढ़ते यातायात दबाव और जनसुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए केंद्र को पत्र लिखा। इससे पहले ग्राम पंचायत चिल्फी, लूप, राजाहार और बेंदा के सरपंचों ने भी राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपकर हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं और जाम की समस्या पर चिंता जताई थी।
7 किमी में 6 खतरनाक मोड़, 3 साल में 19 मौतें
नेशनल हाईवे पर चिल्फी पाटी से धवईपानी तक का 7 किलोमीटर हिस्सा सबसे संवेदनशील माना जाता है। यहां 6 अंधे और तीखे मोड़ हैं, जहां दृश्यता कम होने से ओवरटेकिंग जोखिमभरी हो जाती है।
ट्रैफिक विभाग के आंकड़े (2023–2025):
कुल हादसे: 18
कुल मौतें: 19
घायल: 17 से अधिक
वर्षवार स्थिति:
2023: 6 हादसे, 6 मौतें
2024: 6 हादसे, 3 मौतें
2025: 6 हादसे, 10 मौतें
फोरलेन निर्माण से इन मोड़ों का ज्योमेट्रिक सुधार, चौड़ीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जाएगा।
जबलपुर से रायपुर तक निर्बाध फोरलेन कनेक्टिविटी
हाल ही में जबलपुर–मंडला–चिल्फी (करीब 160 किमी) मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा के बाद धवईपानी से सिमगा तक का हिस्सा जोड़ना आवश्यक माना गया, ताकि जबलपुर से रायपुर तक लगातार फोरलेन कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके। अब इस स्वीकृति से यह महत्वपूर्ण कड़ी पूरी होगी।
क्यों जरूरी है फोरलेन?
एनएच-30 कबीरधाम जिला मुख्यालय से होकर गुजरता है, जो व्यावसायिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम है।
वर्तमान में मार्ग टू-लेन है, जबकि प्रतिदिन 2000 से अधिक भारी वाहन गुजरते हैं।
चिल्फी के लगभग 10 किमी संकरे घाटी क्षेत्र में अक्सर जाम लगता है।
कई बार 2–3 दिन तक यातायात बाधित रहने की स्थिति बनती है।
रेंगाखार-चिल्फी-कवर्धा मार्ग पर फंसे यात्रियों और गंभीर मरीजों को चिल्फी से बोड़ला ले जाने में कठिनाइयां सामने आई हैं।
कवर्धा बायपास भी होगा फोरलेन
जनसुरक्षा और लोकहित को देखते हुए कवर्धा बायपास को भी फोरलेन बनाने की मांग को स्वीकृति मिली है। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, ट्रैफिक सुगम होगा और दुर्घटनाओं का जोखिम घटेगा।
क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ
इस परियोजना से न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को केंद्र की मंजूरी से बड़ी राहत मिली





