कवर्धा में तेंदुए की दहशत बढ़ी, कुटकीपारा में ग्रामीण पर हमला; हाथ-कंधे पर आई गंभीर चोटें
शहर में दो सप्ताह से तेंदुए की तलाश, अब ग्रामीण क्षेत्र में हमले की घटना से लोगों में बढ़ी चिंता

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा, 1 नवंबर 2026। कबीरधाम जिले में तेंदुए की मौजूदगी और लगातार मिल रही सूचनाओं के बीच अब ग्रामीण क्षेत्र में हमले की घटना सामने आई है। लोहारा वन परिक्षेत्र के कुटकीपारा गांव में जंगल से लकड़ी लेने गए ग्रामीण टेकराम ध्रुव पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इस घटना में ग्रामीण के हाथ और कंधे पर नाखूनों से चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर की शाम टेकराम ध्रुव घरेलू उपयोग के लिए लकड़ी लेने जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उसका सामना तेंदुए से हो गया। अचानक हुए हमले में ग्रामीण ने बचाव के लिए अपने पास रखी टांगिया से तेंदुए पर वार किया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल ग्रामीण को परिजन उपचार के लिए लोहारा उपस्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।
शहर में भी दो सप्ताह से तेंदुए की तलाश
इधर कवर्धा शहर और आसपास के इलाकों में भी पिछले करीब दो सप्ताह से तेंदुए की मौजूदगी की सूचनाएं मिल रही हैं। वन विभाग द्वारा शिक्षक कॉलोनी, राजमहल, समनापुर रोड, खूंटू रोड, साधना नगर, लकड़ी टाल, मठपारा, नवीन बाजार और 17वीं बटालियन परिसर सहित अलग-अलग स्थानों पर निगरानी की जा रही है।
तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग द्वारा सुबह ड्रोन और रात में थर्मल ड्रोन की मदद ली जा रही है। इसके अलावा बिलासपुर के कानन पेंडारी और रायपुर जंगल सफारी के विशेषज्ञों की सहायता भी ली गई है। शहर के कुछ संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे लगाए जाने की जानकारी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी सतर्कता जरूरी
शहर में तेंदुए की तलाश के बीच लोहारा क्षेत्र में ग्रामीण पर हमले की घटना ने वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाए और लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक करे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कुटकीपारा में हमला करने वाला तेंदुआ और कवर्धा शहर में देखा जा रहा तेंदुआ एक ही है? क्या जिले में एक से अधिक तेंदुए सक्रिय हैं? इन सवालों पर वन विभाग की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
सीजीएन न्यूज़ की पड़ताल: वन विभाग से तेंदुए की वर्तमान लोकेशन, घायल ग्रामीण को मुआवजा और रेस्क्यू अभियान की स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है।अधिकारी का पक्ष लेने किया फोन, नहीं मिला जवाब
इस पूरे मामले में वन विभाग का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए भोरमदेव अभयारण्य की एसडीओ अनीता साहू से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। तेंदुए की वर्तमान लोकेशन, रेस्क्यू अभियान और ग्रामीण पर हुए हमले के संबंध में जानकारी लेने के लिए उन्हें फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी थी। विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



