
| कवर्धा
कवर्धा में नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के निर्माण को लेकर एक संवेदनशील मुद्दा सामने आया है। प्रशासन द्वारा वन डिपो (काष्ठागार) परिसर की जमीन को संभावित स्थल के रूप में चिन्हित किया जा रहा है, जहां 100 से अधिक पेड़ मौजूद हैं। यदि इस स्थान पर निर्माण कार्य होता है, तो बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की आशंका जताई जा रही है।
पहले भी पेड़ों के कारण रुकी थीं योजनाएं
उल्लेखनीय है कि इसी वन डिपो परिसर को पहले मातृ-शिशु केयर (एमसीएच) अस्पताल और नालंदा लाइब्रेरी के निर्माण के लिए चिन्हित किया गया था। उस समय पेड़ों की कटाई के विरोध के चलते इन परियोजनाओं को रोक दिया गया था। अब पुलिस विभाग के नए भवन के लिए उसी जमीन पर फिर से विचार किया जा रहा है।
निरीक्षण के बाद प्रक्रिया तेज
हाल ही में राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने वार्षिक निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित स्थल का दौरा किया। उनके साथ राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इस निरीक्षण के बाद संकेत मिले हैं कि जमीन चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है और प्रशासन इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मौजूदा भवन छोटे, नई जरूरतें बड़ी
वर्तमान में पुलिस विभाग के पास दो भवन उपलब्ध हैं—एक कलेक्ट्रेट रोड स्थित एसपी कार्यालय और दूसरा ऋषभदेव चौक पर स्थित दो मंजिला भवन, जहां एएसपी और डीएसपी कार्यालय संचालित होते हैं।
करीब 20 साल पुराने मौजूदा एसपी कार्यालय में जगह की कमी और बढ़ते प्रशासनिक कार्यों के कारण नए, बड़े और आधुनिक भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके लिए लगभग 2.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है।
पेड़ों की कटाई पर उठे सवाल
वन डिपो परिसर में 100 से अधिक पेड़ होने के कारण पर्यावरणीय चिंता भी सामने आई है। इससे पहले इन्हीं कारणों से अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं रोक दी गई थीं, ऐसे में अब पुलिस विभाग के भवन के लिए उसी स्थान पर विचार किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
पौधरोपण से संतुलन की कोशिश
इस संबंध में एएसपी पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि अभी जमीन का अंतिम चयन नहीं हुआ है, लेकिन कलेक्ट्रेट के आसपास के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें वन डिपो भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि यदि इस स्थान का चयन होता है और पेड़ों की कटाई आवश्यक होती है, तो उसकी भरपाई के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके।
संवेदनशील मुद्दा बना जमीन चयन
एक ओर जहां प्रशासनिक जरूरतों के चलते नए एसपी कार्यालय का निर्माण जरूरी माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे स्थापित करता है।





