
कवर्धा विशेष
कवर्धा कक्षा 8वीं की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। परीक्षा की गोपनीयता को दरकिनार करते हुए बिना पंचनामा बनाए ही प्रश्नपत्रों के लिफाफे खोल दिए गए। इतना ही नहीं, कई परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र कम पड़ने पर उनकी फोटोकॉपी कराकर विद्यार्थियों में बांट दिए गए।
जानकारी के अनुसार, अंग्रेजी विषय में दो अलग-अलग सेट के प्रश्नपत्र छात्रों को मिले, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला सामने आने के बाद अब मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्रों की कमी का अंदाजा नहीं लगाया गया। जब परीक्षा शुरू हुई और प्रश्नपत्र कम पड़े, तब आनन-फानन में फोटोकॉपी कराकर छात्रों को दिए गए। इससे न सिर्फ परीक्षा की गोपनीयता भंग होने की आशंका है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि “इसमें गोपनीयता भंग होने जैसी कोई बात नहीं है। जहां प्रश्नपत्र कम थे, वहां फोटोकॉपी कराने के निर्देश दिए गए थे।” हालांकि यह बयान कई सवालों को जन्म देता है—क्या परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में इस तरह की व्यवस्था पहले से तय थी?
जिले में हजारों छात्रों ने यह परीक्षा दी है, ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग सेट और फोटोकॉपी किए गए प्रश्नपत्रों के आधार पर मूल्यांकन किस तरह निष्पक्ष रूप से किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था की इस लापरवाही ने न केवल छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।




