कबीरधामकवर्धा

उज्जैन, बनारस की तर्ज पर विकसित हो रहा भोरमदेव कॉरिडोर, निर्माण कार्य ने पकड़ी रफ्तार

पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने किया भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का निरीक्षण, निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

कवर्धा, 12 फरवरी 2026। उज्जैन एवं बनारस की तर्ज पर विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को एक सुव्यवस्थित, आकर्षक और विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। भोरमदेव कॉरिडोर के भूमिपूजन के पश्चात छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा (कैबिनेट मंत्री दर्जा) ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी की टीम के साथ पूरे परिसर का विस्तृत अवलोकन किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन तथा समय-सीमा की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान नीलू शर्मा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नीलू शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार उज्जैन महाकाल लोक और बनारस कॉरिडोर ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, उसी तर्ज पर भोरमदेव कॉरिडोर भी छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा भोरमदेव क्षेत्र की भव्यता और गरिमा और अधिक निखरेगी।
नीलू शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। साथ ही स्थानीय जरूरतों, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए। पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के पूर्ण होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। होटल, गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प एवं अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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