कवर्धा/बोड़ला। तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र के मगरवाड़ा के पास रविवार रात लगभग 8:30 बजे ट्रैक्टर से कुचलने से एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद न पुलिस को तत्काल सूचना दी गई, न ही पोस्टमार्टम कराया गया। घटना के बाद ट्रैक्टर मालिक ने मामला दबाने की कोशिश में शव को गांव ले जाकर सोमवार सुबह गुपचुप अंत्येष्टि कराने की तैयारी भी कर ली थी। लकड़ियाँ सज चुकी थीं, बस दाह संस्कार बाकी था। इसी दौरान कुकदूर पुलिस को मामले की भनक लगी और टीम मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में ले लिया। अगर पुलिस देरी से पहुँचती तो मामला बिना किसी रिकॉर्ड के समाप्त हो जाता।
मृतक की पहचान शिवचरण पनटोरा (19 वर्ष), निवासी ग्राम कुशियारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शिवचरण रविवार को ट्रैक्टर से टिकरी से मगरवाड़ा एक छट्ठी कार्यक्रम में गया था। ट्रैक्टर में 35–40 लोग सवार थे। वापसी के दौरान तेज गति होने से मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और शिवचरण नीचे गिर पड़ा। तभी ट्रैक्टर के पिछले बड़े पहिये ने उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद युवक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरेगांव ले जाया गया, जहाँ प्रभारी डॉक्टर प्रतिमा जांगड़े ने जांच के दौरान उसे मृत घोषित किया। युवक के मुंह, नाक और कान से खून निकल रहा था और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। इसके बावजूद डॉक्टर द्वारा न पुलिस को सूचना दी गई और न ही उच्च अधिकारियों को। परिजन एवं ट्रैक्टर मालिक पोस्टमार्टम के विरोध में थे, जिसके बाद शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई।
सोमवार दोपहर कुकदूर पुलिस ने शव को रोककर कब्जे में लिया और लगभग 3 बजे बोड़ला मरच्यूरी में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर का बीमा नहीं था, जिससे दुर्घटना की जिम्मेदारी और क्षतिपूर्ति से बचने के लिए मामले को दबाने की कोशिश की गई।
तरेगांव थाना प्रभारी आशीष कंसारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। हादसे की सूचना छिपाने, पोस्टमार्टम न कर शव ले जाने और दाह संस्कार की तैयारी में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




