भोरमदेव में अब कैमरों की नजर, गश्त होगी और स्मार्ट ट्रैप कैमरों से मिलेगी जंगल की हर हलचल की जानकारी, WTI वन अमले को देगा खास प्रशिक्षण

सीजीएन न्यूज़ | कवर्धा
कवर्धा। भोरमदेव अभयारण्य में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। जंगल में वन्यप्राणियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ अब ट्रैप कैमरों से मिलने वाली तस्वीरों और मैदानी गश्त को आपस में जोड़ा जाएगा। कैमरे में जिस क्षेत्र में वन्यजीवों की अधिक गतिविधियां सामने आएंगी, वहां वन अमले की निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
इसी उद्देश्य से 6 अक्टूबर को वन काष्ठागार (डिपो), कवर्धा में वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) की टीम वन विभाग के मैदानी अमले को विशेष प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण में रेंजर, डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड शामिल होंगे।
कैमरे की तस्वीर से तय होगी गश्त की रणनीति
प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को ट्रैप कैमरों की मॉनिटरिंग, कैमरे में कैद तस्वीरों की पहचान और उनका उपयोग वन्यजीव निगरानी में करने की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों में कॉरिडोर पेट्रोलिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के तरीके भी बताए जाएंगे।
अवैध शिकार और अन्य वन अपराधों की पहचान, रोकथाम तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने की प्रक्रिया भी प्रशिक्षण का हिस्सा होगी।
‘कैमरा बताएगा, टीम वहां पहुंचेगी’
भोरमदेव अभयारण्य में वन्यजीवों के आवागमन वाले प्रमुख रास्तों पर ट्रैप कैमरे लगाए जाते हैं। इन कैमरों से मिलने वाली तस्वीरें अब केवल वन्यजीवों की मौजूदगी दर्ज करने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गश्त की रणनीति तैयार करने में भी उपयोग की जाएंगी।
किस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही अधिक है, किस रास्ते का इस्तेमाल बार-बार हो रहा है और कहां मानवीय गतिविधियां संदिग्ध हैं—इन जानकारियों के आधार पर निगरानी का फोकस तय किया जा सकेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है भोरमदेव?
भोरमदेव अभयारण्य वन्यजीवों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह क्षेत्र कान्हा टाइगर रिजर्व और अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से जुड़े वन क्षेत्र के बीच वन्यजीवों के आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना और संभावित शिकार जैसी अवैध गतिविधियों को रोकना वन विभाग के लिए अहम है।
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह में होंगे कई आयोजन
3 से 8 अक्टूबर तक वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत जिले में जागरूकता और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। 3 अक्टूबर को चिल्फी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम के साथ युवाओं के लिए नाइट-लाइफ एक्सपीरियंस आयोजित किया जाएगा।
वहीं 4 अक्टूबर को भोरमदेव से थंवरझोल तक नेचर वॉक का आयोजन होगा, जिसमें प्रतिभागियों को जंगल की जैव विविधता और तितलियों की दुनिया से रूबरू कराया जाएगा।
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