
कवर्धा।
जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए कबीरधाम प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। साल 2025 में हुई 361 सड़क दुर्घटनाओं में 201 लोगों की मौत के बाद अब जिले की सड़कों को “हाईटेक प्रहरी” के हवाले किया जा रहा है। इसके तहत तीन ब्लैक स्पॉट और 12 डेंजर जोन में अत्याधुनिक स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे। यह पूरा सिस्टम 31 मार्च तक सक्रिय कर दिया जाएगा।
प्रशासनिक समीक्षा में एनएच-30 सहित वीर स्तंभ चौक, मिनी माता चौक और इंदौरी पेट्रोल पंप क्षेत्र को प्रमुख ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर सबसे कड़ा पहरा रहेगा। प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर नौ-नौ आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिनमें एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर), रेड लाइट वायलेशन कैमरे, ओवरस्पीडिंग कैमरे और पीटीजेड (घूमने वाले) कैमरे शामिल हैं।
इसके अलावा गुरुनानक चौक, लोहारा नाका और राजनांदगांव बायपास सहित 12 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चार से पांच कैमरे प्रति लोकेशन लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से वाहन की गति, सिग्नल उल्लंघन और अन्य ट्रैफिक नियमों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। स्पीड डिस्प्ले बोर्ड चालकों को उनकी रफ्तार दिखाकर समय रहते सतर्क भी करेंगे।
पूरा सिस्टम एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से संचालित होगा, जहां से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। यह व्यवस्था सिर्फ चालान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक डेटा बैंक के रूप में काम करेगी, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं के पैटर्न का विश्लेषण किया जा सकेगा।
जिला यातायात प्रभारी अजयकांत तिवारी ने बताया कि ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों पर केंद्रित तकनीकी निगरानी से हादसों में निर्णायक कमी आने की उम्मीद है।
वहीं पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में सड़क हादसों में 201 मौतों का आंकड़ा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यह प्रणाली डर पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। अब नियमों का पालन विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता होगा।





