कबीरधामकवर्धा

रिहायशी इलाके में हाथी की दस्तक से दहशत 12 से अधिक गांवों पर खतरा, गन्ने के खेत और शक्कर कारखाने बने आकर्षण का केंद्र पंडरिया।

पंडरिया -:  दल से बिछुड़ा एक जंगली हाथी पिछले दो दिनों से पंडरिया क्षेत्र में दहशत का कारण बना हुआ है। जंगल से निकलकर हाथी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। गुरुवार सुबह हाथी को गांगपुर क्षेत्र के गन्ने के खेतों में देखा गया, जहां वह पूरे दिन हाफ नदी के किनारे खेतों में घूमता रहा।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को हाथी दिनभर क्रांति जलाशय के आसपास विचरण करता रहा। देर रात वह नगर क्षेत्र की ओर बढ़ा और कन्या स्कूल के पीछे से होते हुए रिहायशी इलाके में प्रवेश कर गया। हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पंडरिया वन विभाग के एसडीओ सुयश धर दीवान ने बताया कि कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हाथी को सुरक्षित रूप से बकेला के जंगलों की ओर मोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि गन्ने के खेतों की वजह से यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गन्ना हाथी का पसंदीदा भोजन है, इसी कारण वह मैदानी इलाकों की ओर आकर्षित हुआ है। गांगपुर क्षेत्र जंगल से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है, ऐसे में हाथी का इतनी दूरी तक पहुंचना चिंता का विषय बना हुआ है।
हाथी की आवाजाही से खैरझिटी, पाढ़ी, घोष, देवसरा, मड़मड़ा, बिरमपुर, लिम्हईपुर सहित 12 से अधिक गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा आसपास स्थित शक्कर कारखाने, कई गुड़ फैक्ट्रियां और पंडरिया-पांडातराई मार्ग पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी के नजदीक जाने का प्रयास न करें और किसी भी तरह की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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