कबीरधामकवर्धा

एसआईआर के बाद 67 हजार नाम हटे, अब जिले में 6.03 लाख मतदाता

22 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, नाम जोड़ने-सुधार की प्रक्रिया रहेगी जारी

कवर्धा। नवंबर माह से शुरू हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का कार्य लगभग पूरा हो गया है। सर्वे के बाद कबीरधाम जिले में 67 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पहले जिले में 6.71 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 6.03 लाख रह गए हैं। निर्वाचन आयोग 22 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन करेगा।
जिला उपनिर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र पैकरा ने बताया कि बिना कारण किसी भी मतदाता का नाम नहीं काटा गया है। नो-मैपिंग और लॉजिकल एरर श्रेणी में शामिल मतदाताओं से अंतिम समय तक दस्तावेज लिए गए। जिन लोगों ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए, उनके नाम सूची में यथावत रखे गए।
हटाए गए नामों में अधिकांश अनुपस्थित, डुप्लीकेट मतदाता और मृतकों के नाम शामिल हैं।
नो-मैपिंग और लॉजिकल एरर में दस्तावेज से राहत
एसआईआर के दौरान कई नियमों को लेकर मतदाताओं और बीएलओ को परेशानी का सामना करना पड़ा। शुरुआत में जिन मतदाताओं के माता-पिता का नाम 2003 की सूची में नहीं मिला, ऐसे 3702 लोगों को नो-मैपिंग श्रेणी में नोटिस जारी किया गया। इनमें से अधिकांश ने दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना नाम सुरक्षित कर लिया।
बाद में लॉजिकल एरर के तहत 2003 की सूची और वर्तमान प्रारंभिक सूची में नाम, लिंग, उम्र आदि में अंतर पाए जाने पर करीब दो लाख से अधिक मतदाताओं से दस्तावेज मांगे गए। अधिकांश ने दस्तावेज देकर त्रुटियां सुधार लीं।
विधानसभा वार मतदाता आंकड़े
विधानसभा
पोलिंग बूथ
मतदाता संख्या
पंडरिया
423
2,94,086
कवर्धा
447
3,09,683
कुल
870
6,03,771
(आंकड़े जिला निर्वाचन शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार)
फॉर्म-7 को लेकर विवाद
सर्वे के दौरान फॉर्म-7 को लेकर सबसे ज्यादा विवाद सामने आया। प्रारंभिक सूची जारी होने के बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में कुछ स्थानों पर फर्जी तरीके से नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 जमा करने के आरोप लगे। संबंधित ईआरओ (एसडीएम) द्वारा इन मामलों की जांच भी कराई गई।
परिसीमन के बाद बदल सकता है राजनीतिक गणित
एसआईआर के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या 6 लाख के पार पहुंच गई है। संभावना है कि आगामी विधानसभा परिसीमन में जिले को तीन विधानसभा क्षेत्र मिल सकते हैं। सामान्यतः एक विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो लाख मतदाता और 200 से 250 पोलिंग बूथ होते हैं।
यह परिसीमन जनगणना के बाद किया जाएगा। जिला स्तर पर जनगणना की तैयारी जारी है। अप्रैल-मई से घरों की गणना शुरू होगी, जिसके बाद जनसंख्या की गणना की जाएगी। जनगणना 2027 तक पूरी होने की संभावना है।
22 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी नाम जोड़ने, संशोधन और अन्य सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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