कबीरधामकवर्धा

जिला अस्पताल कवर्धा में डायलिसिस के दौरान आदिवासी युवती की मौत

स्टाफ पर लापरवाही का आरोप, परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

कवर्धा। जिला अस्पताल कवर्धा में गुरुवार को डायलिसिस के दौरान 19 वर्षीय आदिवासी युवती भगवती धुर्वे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
मृतका भगवती धुर्वे, पिता रामचंद्र धुर्वे, ग्राम चरखुरा (थाना पांडातराई) की निवासी थी। परिजनों के अनुसार, युवती को सुबह डायलिसिस के लिए अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान कथित तौर पर डायलिसिस प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई, जिसके बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी।
परिजनों का कहना है कि डायलिसिस कक्ष में वेंटिलेटर की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्थिति गंभीर होने पर पिता रामचंद्र धुर्वे बेटी को कंधे पर उठाकर ऑपरेशन थिएटर की ओर दौड़े, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही युवती ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरे मरीज को प्राथमिकता देने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि एक अन्य मरीज के पहुंचने के बाद स्टाफ ने भगवती को मशीन से हटाकर दूसरे मरीज को डायलिसिस पर लगा दिया। इसी दौरान भगवती की हालत बिगड़ गई। पिता रामचंद्र धुर्वे ने कहा कि यदि समय पर ऑक्सीजन और उचित इलाज मिलता, तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
घटना की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल परिसर में जुट गए। रो-रोकर बदहवास परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और दोषी कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
डायलिसिस सेंटर में संसाधनों की कमी
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में कुल 6 मशीनें हैं, जिनमें से एक मशीन पिछले करीब 10 महीनों से खराब पड़ी है। वर्तमान में 5 मशीनों से ही मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिले में दर्जनों मरीज नियमित रूप से डायलिसिस पर निर्भर हैं। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच मरीजों पर बढ़ता दबाव भी सामने आया है।
सिविल सर्जन का पक्ष
सिविल सर्जन डॉ. केशव ध्रुव ने बताया कि डायलिसिस सेंटर में मरीजों को मोबाइल संदेश के माध्यम से समय दिया जाता है। भगवती का समय सुबह साढ़े 9 बजे निर्धारित था, लेकिन वह सुबह 6 बजे ही अस्पताल पहुंच गई थीं। उसी समय निर्धारित मरीज देरी से आया, जबकि एक अन्य मरीज की हालत अधिक गंभीर बताई गई। इसी कारण डायलिसिस प्रक्रिया बीच में रोकी गई।
उन्होंने कहा कि मामले में डायलिसिस सेंटर के स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Brajesh Gupta

Editor, cgnnews24.com

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