सुधा वाटिका में मूर्ति खंडन का सनसनीखेज खुलासा: पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय के आदेश पर भेजा गया मनोरोग चिकित्सालय 🔥

कवर्धा | 15 जनवरी 2026
थाना कवर्धा क्षेत्र अंतर्गत ठाकुर पारा स्थित सुधा वाटिका गार्डन में शिव मंदिर के पवित्र शिवलिंग एवं नंदी महाराज की मूर्तियों को खंडित किए जाने की घटना ने पूरे शहर में आक्रोश फैला दिया था। धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली इस गंभीर वारदात को कवर्धा पुलिस ने चुनौती के रूप में लेते हुए महज कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया।
घटना के संबंध में दिनांक 10.01.2026 को थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 20/2026, धारा 298 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देशों के बाद मामले में तेज़ी लाई गई और हर एंगल से जांच की गई।
🔍 सूक्ष्म जांच, सतर्कता और सघन पतासाजी का नतीजा
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, साक्ष्यों का संकलन, नजरी नक्शा, गवाहों के कथन और आसपास के क्षेत्र में लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी राज देवार उर्फ छोटे देवार (19 वर्ष) निवासी लोहारा नाका, वार्ड क्रमांक 05, कवर्धा को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया।
🧠 पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
पूछताछ के दौरान आरोपी का व्यवहार असामान्य पाया गया। निष्पक्ष एवं वैधानिक जांच को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने उसे जिला चिकित्सालय कवर्धा में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए प्रस्तुत किया। चिकित्सकों ने आरोपी को शारीरिक रूप से स्वस्थ लेकिन मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया, जिसके बाद उसे मनोरोग चिकित्सालय सेन्द्री, जिला बिलासपुर रेफर किया गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी का पूर्व में भी वहीं उपचार चल चुका है।
⚖️ न्यायालय का अहम आदेश
आज 15.01.2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए न्यायालय ने उसे उपचार हेतु मनोरोग चिकित्सालय सेन्द्री, जिला बिलासपुर भेजने का आदेश पारित किया।
🚔 कवर्धा पुलिस का स्पष्ट संदेश
कवर्धा पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शांति भंग करने वाले हर कृत्य पर कठोर, त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
👏 इनका रहा सराहनीय योगदान
इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप, एसआई शालिनी वर्मा, एसआई रघुवंश पाटिल, एएसआई सुनील यादव, आरक्षक अजय वैष्णव, हीरेन्द्र, संतोष बांधेकर, धर्मेंद्र मरावी, साइबर प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, आरक्षक संदीप शुक्ल (509) एवं गोपाल राजपूत (97) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





